दिनदहाड़े चोरी का खुलासा: 50 से ज्यादा CCTV खंगालकर पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा

जेल में हुई दोस्ती के बाद रची थी साजिश,सोने- चांदी और 1.50 लाख नकदी बरामद

राजनांदगांव(दैनिक पहुना)। बसंतपुर थाना क्षेत्र की आशीर्वाद कॉलोनी में दिनदहाड़े हुई चोरी का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना बसंतपुर और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने तकनीकी विश्लेषण तथा शहर में लगे 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों तक पहुंच बनाई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 100 ग्राम सोने का डल्ला, लगभग 500 ग्राम चांदी के आभूषण और 1.50 लाख रुपए नगद समेत करीब 10.50 लाख रुपए की संपत्ति बरामद की है। पुलिस के मुताबिक, 11 सितंबर को आशीर्वाद कॉलोनी कौरिनभाठा निवासी कुल प्रकाश वालदे ड्यूटी पर गए थे। इसी दौरान दोपहर करीब 12.30 से 2.45 बजे के बीच अज्ञात चोर घर का ताला तोड़कर अंदर घुसा और कमरे की अलमारी का लॉकर तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण तथा 1.50 लाख रुपए नगद चोरी कर ले गया। चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 4.15 लाख रुपए बताई गई थी। मामले में बसंतपुर थाने में अपराध क्रमांक 420/2026 के तहत धारा 331(3), 305 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।

50 से अधिक CCTV कैमरों से मिला सुराग

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में टीम गठित की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर के मार्गदर्शन तथा नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन और साइबर/क्राइम डीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी बसंतपुर निरीक्षक कौशलेश देवांगन एवं साइबर सेल प्रभारी विनय पम्मार के नेतृत्व में जांच की गई। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद शहर में लगे 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और संदिग्ध की गतिविधियों का तकनीकी विश्लेषण किया। जांच के दौरान जेल प्रशासन से समन्वय कर संदिग्ध की पहचान आदतन चोर विक्की वर्मा (32) निवासी डेह कॉलोनी शाहबाद, जिला कुरुक्षेत्र, हरियाणा, हाल खुर्सीपार भिलाई के रूप में हुई। पुलिस ने उसे 20 सितंबर को हरियाणा से हिरासत में लेकर पूछताछ की।

जेल में हुई पहचान, बाहर निकलकर बनाई चोरी की योजना

पूछताछ में विक्की वर्मा ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2025-26 में वह चोरी के मामले में केंद्रीय जेल जगदलपुर में निरुद्ध था। उसी दौरान चोरी के मामले में बंद रहिमन उर्फ टीकमदास बड़ाबाघ (43) निवासी काकोडी चिल्हाटी, महाराष्ट्र, हाल आशीर्वाद कॉलोनी कौरिनभाठा से उसकी पहचान हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद दोनों ने मिलकर चोरी की योजना बनाई। जानकारी के अनुसार रहिमन स्वयं प्रार्थी के मकान के ऊपर प्रथम तल पर किराए से रहता था। उसे घर में सोने-चांदी के आभूषण होने और दोपहर के समय मकान सूना रहने की जानकारी थी। उसने यह जानकारी विक्की को दी और चोरी के लिए उसे राजनांदगांव बुलाया। घटना के समय दोनों मोबाइल फोन के जरिए संपर्क में थे। संदेह से बचने के लिए रहिमन घटना से करीब एक सप्ताह पहले शहर से बाहर चला गया था।

सोना बेचकर रकम खर्च करने का खुलासा

पुलिस के अनुसार, चोरी के बाद विक्की ने कुछ सोने के आभूषण कुरुक्षेत्र, हरियाणा के ज्वेलर्स को बेच दिए थे। बचे हुए सोने के आभूषणों को गलाकर करीब 100 ग्राम का डल्ला बना लिया था। चोरी की चांदी और 50 हजार रुपए रहिमन को दिए गए थे। सोने की बिक्री से मिली रकम खर्च कर देने की बात भी आरोपी ने पूछताछ में बताई।

पुलिस ने विक्की के कब्जे से करीब 100 ग्राम सोने का डल्ला, एक लाख रुपए नगद और घटना में प्रयुक्त पेचकस जब्त किया। वहीं रहिमन के कब्जे से चोरी किए गए चांदी के आभूषण और 50 हजार रुपए नगद बरामद किए गए। दोनों आरोपियों को 20 सितंबर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया गया। मामले में चोरी की शेष संपत्ति की बरामदगी के प्रयास जारी हैं। साथ ही चोरी के सोने की बिक्री में शामिल ज्वेलर की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच में भूमिका सामने आने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

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