CGPSC भर्ती छोटाला मामले में ED का एक्शन, पूर्व अध्यक्ष टामन सोनवानी सहित छह के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल

रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की वर्ष 2020 और 2021 की राज्य सेवा परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक, चयन में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में (ईडी) ने दावा किया है। ईडी ने रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में सात आरोपितों के खिलाफ 37 सौ पन्नों आरोपपत्र पेश किया है।

इसमें अब तक 3.28 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित राशि चिन्हित करने की बात कही गई है। ईडी के अनुसार इसमें अभ्यर्थियों और उनके परिवारों से जुटाए गए 3.13 करोड़ रुपये में से 2.83 करोड़ रुपये और सीएसआर के माध्यम से प्राप्त 45 लाख रुपये शामिल हैं।

रायपुर: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) की वर्ष 2020 और 2021 की राज्य सेवा परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक, चयन में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में (ईडी) ने दावा किया है। ईडी ने रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत में सात आरोपितों के खिलाफ 37 सौ पन्नों आरोपपत्र पेश किया है।

इसमें अब तक 3.28 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित राशि चिन्हित करने की बात कही गई है। ईडी के अनुसार इसमें अभ्यर्थियों और उनके परिवारों से जुटाए गए 3.13 करोड़ रुपये में से 2.83 करोड़ रुपये और सीएसआर के माध्यम से प्राप्त 45 लाख रुपये शामिल हैं।

ललित गणवीर : तत्कालीन डिप्टी कंट्रोलर आफ एग्जामिनेशन और ग्रामीण विकास समिति के कोषाध्यक्ष के रूप में गणवीर की भूमिका बताई गई है। ईडी के अनुसार सीएसआर संबंधी पत्र तैयार कराने तथा परीक्षा और इंटरव्यू से जुड़े रिकार्ड संभालने की भूमिका की जांच की गई। तलाशी में उनके ठिकाने से सीजीपीएससी की प्रविष्टियों वाली लाल रंग की डायरी भी जब्त किए जाने का उल्लेख है।

डॉ. विकास चंद्राकर : ईडी ने उन्हें अभ्यर्थियों से संपर्क करने, रकम जुटाने और प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने से जुड़े नेटवर्क में मध्यस्थ बताया है। एजेंसी के अनुसार विकास चंद्राकर और उत्कर्ष चंद्राकर ने अभ्यर्थियों को परीक्षा में लाभ दिलाने का भरोसा देकर रकम जुटाने में भूमिका निभाई।

50 से 60 लाख रुपये तक लेने का आरोप

  • ईडी के अनुसार नेटवर्क में अलग-अलग पदों पर चयन के लिए अभ्यर्थियों से 50 से 60 लाख रुपये तक की रकम ली गई। आरोप है कि अभ्यर्थियों को पहले ही प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और चयन सुनिश्चित कराने का भरोसा दिया जाता था।

    बैंक खातों में करोड़ों के लेन-देन की पड़ताल

    ईडी ने उत्कर्ष चंद्राकर के फेडरल बैंक खाते में 72 लाख 18 हजार 600 रुपये के नकद क्रेडिट का उल्लेख किया है। वहीं चेतन बोरघरिया से जुड़े बैंक खातों में 71 लाख 15 हजार 200 रुपये की नकद जमा को जांच में अस्पष्ट बताया गया है।

    47.54 लाख की छह संपत्तियां अटैच

    ईडी ने 21 सितंबर को 47 लाख 54 हजार 283 रुपये मूल्य की छह संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की हैं। इनमें टामन सिंह सोनवानी से जुड़ी धमतरी, रायपुर और दुर्ग की कृषि भूमि तथा आवासीय भूखंड शामिल हैं। एक संपत्ति उत्कर्ष चंद्राकर से संबंधित बताई गई है।

  • अभ्यर्थियों को रायपुर के सिद्धि विनायक मैरिज पैलेस में एकत्र किया गया और प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया। इसके बाद बारनवापारा क्षेत्र के रिसार्ट में मुख्य परीक्षा की तैयारी कराने का आरोप है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अदालत में साक्ष्यों के परीक्षण के बाद होगी।

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