‘टैटू बनवाया है तो भूल जाओ सरकारी नौकरी!’ क्या सच में ऐसा है? जान लें क्या कहते हैं नियम

करियर डेस्क। एक बात आपने कई लोगों से सुनी होगी कि अगर सरकारी नौकरी करनी है, तो टैटू मत बनवाना। ऐसा कई लोग कहते हैं और यह काफी हद तक सही भी है। कुछ सरकारी नौकरियों में टैटू बनवाना प्रतिबंधित होता है, लेकिन कुछ में नियम थोड़े अलग होते हैं।

ऐसे में अगर आप भी किसी सरकारी नौकरी के लिए तैयारी कर रहे हैं या आगे करना चाहते हैं और अभी टैटू को लेकर कोई कन्फ्यूजन है, तो यह आर्टिकल आपके लिए ही है। आइए जानें भारत में सरकारी नौकरी में टैटू को लेकर क्या नियम हैं।

इस सवाल का जवाब पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस विभाग या पद के लिए आवेदन कर रहे हैं। सिविल सर्विसेज, बैंकिंग आदि और सुरक्षा बलों के नियम एक-दूसरे से काफी अलग होते हैं। इसलिए आप टैटू बनवा सकते हैं या नहीं, यह आपके विभाग और पद पर निर्भर करता है।

डिफेंस और अर्धसैनिक बल

डिफेंस सेक्टर में नियम सबसे कड़े होते हैं। यहां किसी भी तरह का विजिबल टैटू यानी जो वर्दी पहनने पर बाहर दिखे पूरी तरह से प्रतिबंधित है। हालांकि, इसके कुछ नियम हैं, जैसे- टैटू सिर्फ हाथ के अंदरूनी हिस्से यानी कोहनी और कलाई के बीच होनी चाहिए या हथेली के पिछले हिस्से पर होना चाहिए। इसके अलावा, शरीर के किसी भी हिस्से पर टैटू बनवाना प्रतिबंधित है।

नियमों के मुताबिक, SC और ST उम्मीदवारों को छूट दी जाती है। ऐसे उम्मीदवार जिनके यहां टैटू बनवाना उनकी संस्कृति का हिस्सा है, वे शरीर के किसी भी हिस्से पर टैटू बनवा सकते हैं। हालांकि, इसके साथ उन्हें कुछ प्रामाणिक दस्तावेज जमा करवाने पड़ेंगे।

सिविल सर्विसेज और प्रशासनिक नौकरियां

सिविल सर्विसेज, रेलवे या बैंकिंग जैसी परिक्षाओं में टैटू के कारण आपको परीक्षा देने से नहीं रोका जाता है, लेकिन मेडिकल एग्जाम में टैटू चेक होते हैं। आमतौर पर टैटू को लेकर डिफेंस जैसे सख्त नियम नहीं होते।

हालांकि, इस बात का ध्यान रखना होता है कि टैटू हाथ, माथे, उंगलियों या ऐसे किसी हिस्से पर न हो, जो आमतौर पर दिखाई देता है। इससे आपकी प्रोफेशनल इमेज खराब हो सकती है, खासकर इंटरव्यू के दौरान। साथ ही, टैटू अभद्र, भड़काऊ या सांप्रदायिक नहीं होना चाहिए, जिससे किसी को ठेस पहुंचे या उस विभाग की छवि खराब हो।

क्यों हैं टैटू से जुड़े ये नियम?

टैटू कई संक्रामक बीमारियों के फैलने की वजह बन सकता है, जैसे एचआईवी या हेपेटाइटिस-बी। रक्षा बलों में बहुत सख्त मेडिकल टेस्ट होते हैं और डॉक्टर को यह चेक करना होता है कि उम्मीदवार को कोई संक्रामक बीमारी न हो।

साथ ही, डिफेंस फोर्स और सिविल सर्विसेज में अनुशासन और प्रोफेशनल इमेज का काफी ध्यान रखना होता है। टैटू आपकी प्रोफेशनल इमेज पर सवाल खड़े कर सकता है। इसलिए भी ये निमय बनाए गए हैं।

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