RTE सीटों का ब्योरा सही नहीं देने पर HC नाराज, सरकार को दिया अंतिम अवसर…

बिलासपुर. हाईकोर्ट ने बच्चों को शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में आरक्षित सीटों और उनमें प्रवेश से संबंधित सही रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई है. चीफ जस्टिस के. आर. महापात्रा और जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की स्पेशल डिवीजन बेंच ने राज्य शासन को सभी स्कूलों में आरटीई के तहत आरक्षित सीटों और बच्चों से संबंधित सही एवं पूर्ण रिकॉर्ड प्रस्तुत करने का अंतिम अवसर दिया है. मामले की अगली सुनवाई 18 नवम्बर को होगी.

मामला भगवंत की ओर से दायर जनहित याचिका से जुड़ा है. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता देवर्षि ठाकुर ने कोर्ट को बताया कि शासन द्वारा प्रस्तुत रिकॉर्ड में कई बड़े स्कूलों में आरटीई के तहत आरक्षित सीटों की संख्या शून्य या बेहद कम बताई गई है. रिकॉर्ड की वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाने के कारण शासन द्वारा प्रस्तुत जानकारी पर सवाल उठाए गए. मामले की सुनवाई के दौरान डिवीजन बेंच ने शासन द्वारा प्रस्तुत रिकॉर्ड पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कोर्ट के साथ इस तरह मजाक नहीं किया जाना चाहिए. कोर्ट ने यह भी कहा कि पूर्व में वर्ष 2016 में दिए गए आदेशों के बावजूद उनका उचित अनुपालन नहीं हुआ है.

कोर्ट ने राज्य शासन को निर्देश दिया कि सभी स्कूलों का सही और सत्यापित रिकॉर्ड अगली सुनवाई में पेश किया जाए, यदि 18 नवंबर तक सभी स्कूलों का सही डेटा पेश नहीं किया गया, तो शिक्षा सचिव कमलप्रीत सिंह के खिलाफ धारा 311 के तहत कार्रवाई की जाएगी. हाईकोर्ट ने 18 नवंबर तक का समय देते हुए इसे रिकॉर्ड प्रस्तुत करने का अंतिम अवसर बताया है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!