स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली में हाई अलर्ट, लाल किले के आसपास कड़ी सुरक्षा; 20 हजार जवान तैनात

Independence Day 2026: स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत कर दिया गया है। 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) लाल किले (Red Fort) की प्राचीर से देश को संबोधित करेंगे। इसे देखते हुए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने राजधानी, खासकर लाल किले और उसके आसपास के इलाकों में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस समारोह के मद्देनजर दिल्ली में करीब 20 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बहुस्तरीय (मल्टी-लेयर) निगरानी नेटवर्क तैयार किया गया है, जिसके जरिए संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार, लाल किले और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में दिल्ली पुलिस की विभिन्न इकाइयों, अर्धसैनिक बलों, कमांडो दस्तों और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) की विशेष टीमों को तैनात किया गया है। किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए प्रशिक्षित स्नाइपर्स और विशेष ‘हिट टीमें’ भी रणनीतिक स्थानों पर मौजूद रहेंगी। सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए करीब 1,000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों को एकीकृत निगरानी प्रणाली से जोड़ा गया है, जिससे हर गतिविधि पर रियल टाइम नजर रखी जा सके। इसके अलावा फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) सिस्टम भी सक्रिय किए गए हैं, जिनकी मदद से संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की पहचान तुरंत की जा सकेगी।

एनएसजी, स्नाइपर्स और NDRF की विशेष टीमें रहेंगी तैनात

DCP नॉर्थ राजा बाठियां के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था में दिल्ली पुलिस की विभिन्न इकाइयों को शामिल किया गया है। इनमें ट्रैफिक यूनिट, नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट पुलिस टीमें, स्थानीय थाना पुलिस, पीसीआर यूनिट, स्पेशल ब्रांच, स्पेशल सेल और अन्य सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। सभी इकाइयों को समन्वित तरीके से काम करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस के अलावा अर्धसैनिक बलों की कई कंपनियां, कमांडो दस्ते और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) की विशेष टीमें भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा होंगी। संवेदनशील स्थानों पर स्नाइपर्स और विशेष ‘हिट टीमें’ तैनात की जाएंगी, जो किसी भी संभावित खतरे से तत्काल निपटने के लिए तैयार रहेंगी।

आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें भी तैनात रहेंगी। इसके अलावा क्विक रिएक्शन टीम (QRT) को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थानों पर लगाया जाएगा, ताकि किसी भी घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके। सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से भी मजबूत किया गया है। लाल किले और उसके आसपास करीब 1,000 सीसीटीवी कैमरे, फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) सिस्टम सक्रिय किए गए हैं। इनकी मदद से लोगों और वाहनों की निगरानी रियल टाइम में की जाएगी।

1000 कैमरों से रखी जा रही हर गतिविधि पर नजर

स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर लाल किला और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से भी बेहद मजबूत बनाया गया है। सुरक्षा एजेंसियां इस बार आधुनिक निगरानी प्रणालियों और रियल टाइम मॉनिटरिंग के जरिए पूरे क्षेत्र पर कड़ी नजर रख रही हैं। डीसीपी नॉर्थ राजा बाठियां ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर लाल किला और उसके आसपास करीब 1,000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के जरिए पूरे क्षेत्र की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तुरंत पता लगाया जा सके।

उन्होंने कहा कि कैमरों से मिलने वाले लाइव फीड की निगरानी के लिए एक अत्याधुनिक कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां प्रशिक्षित और अनुभवी पुलिसकर्मी लगातार ड्यूटी पर तैनात हैं, जो हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सुरक्षा संबंधी इनपुट मिलने पर संबंधित टीमों को तत्काल सूचना भेजी जा सकती है। राजा बाठियां के अनुसार, तकनीकी निगरानी को जमीनी कार्रवाई से जोड़ने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। मैदान में तैनात पुलिस और सुरक्षा बलों के लिए अलग-अलग स्ट्रेटेजिक रिस्पॉन्स प्वाइंट बनाए गए हैं, जहां से टीमें आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कार्रवाई कर सकेंगी। इससे निगरानी और प्रतिक्रिया के बीच समन्वय बेहतर होगा।

फेशियल रिकग्निशन से एंटी-ड्रोन सिस्टम तक

डीसीपी नॉर्थ राजा बाठियां ने बताया कि सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्थानों पर वीडियो एनालिटिक्स आधारित सिस्टम लगाए गए हैं। इनमें फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS), ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) और इंट्रूजन डिटेक्शन सिस्टम शामिल हैं। इन तकनीकों की मदद से संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों और प्रतिबंधित क्षेत्रों में होने वाली किसी भी अनधिकृत गतिविधि की पहचान तुरंत की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए कुछ पुलिसकर्मियों को बॉडी-वॉर्न कैमरों से लैस किया गया है। इन कैमरों के जरिए जमीनी स्तर की गतिविधियों की लाइव रिकॉर्डिंग और निगरानी संभव होगी, जिससे किसी भी घटना पर त्वरित प्रतिक्रिया देने में मदद मिलेगी।

ड्रोन से संभावित खतरों को देखते हुए लाल किले के आसपास एंटी-ड्रोन सिस्टम भी तैनात किए गए हैं। ये सिस्टम किसी भी संदिग्ध या अनधिकृत ड्रोन की पहचान कर उसे निष्क्रिय करने में सक्षम हैं। सुरक्षा एजेंसियां हवाई क्षेत्र पर भी लगातार नजर बनाए हुए हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर होने वाली गतिविधियों और बातचीत की भी निगरानी की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी भ्रामक सूचना, अफवाह या संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि पर नजर रख रही हैं ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

आतंकी खतरे से निपटने के लिए दिल्ली में संयुक्त सुरक्षा अभ्यास

अधिकारियों के अनुसार, संभावित आतंकवादी हमलों और अन्य सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG), केंद्रीय एजेंसियों और विभिन्न राज्य एजेंसियों ने मिलकर राष्ट्रीय राजधानी में संयुक्त आतंकवाद रोधी अभ्यास (Anti-Terror Drill) आयोजित किया। इस अभ्यास का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय, प्रतिक्रिया क्षमता और ऑपरेशनल तैयारियों को परखना था। अभ्यास के दौरान आतंकवादी हमले, बंधक संकट, संदिग्ध वस्तु मिलने और संवेदनशील प्रतिष्ठानों पर खतरे जैसी परिस्थितियों का सिमुलेशन किया गया। सुरक्षा बलों ने त्वरित प्रतिक्रिया, क्षेत्र की घेराबंदी, संदिग्धों की पहचान और बचाव अभियान से जुड़े विभिन्न पहलुओं का अभ्यास किया।

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