Automobile Desk: मोटर व्हीकल एक्ट के तहत भारतीय सड़कों पर वाहन चलाने के लिए रजिस्टर्ड रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट यानी आरसी का पास होना बेहद अनिवार्य है। गाड़ी की कागजी कार्रवाई पूरी न होने या आरसी न होने की स्थिति में भारी चालान का सामना करना पड़ सकता है। अक्सर सफर के दौरान, सामान की उथल-पुथल में या किसी हादसे के वक्त आरसी गुम हो जाती है, चोरी हो जाती है या फिर समय के साथ गल-फटकर खराब हो जाती है। ऐसी परिस्थिति में वाहन मालिकों को घबराने या दलालों के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। अब सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की डिजिटल व्यवस्था के जरिए आप घर बैठे खुद ही डुप्लीकेट आरसी के लिए आवेदन दर्ज कर सकते हैं।
जब भी आपकी आरसी कहीं खो जाए या चोरी हो जाए, तो सबसे पहला कदम नजदीकी पुलिस थाने में जाकर या संबंधित राज्य के ऑनलाइन पुलिस पोर्टल पर e-FIR दर्ज कराना होना चाहिए। डुप्लीकेट दस्तावेज के आवेदन में एफआईआर की पावती एक मुख्य प्रमाण के तौर पर लगाई जाती है। हालांकि, अगर आपकी मूल आरसी सिर्फ कट-फट गई है और उसके टुकड़े आपके पास सुरक्षित हैं, तो एफआईआर की आवश्यकता नहीं पड़ती। इसके साथ ही आपको एक शपथ पत्र यानी एफिडेविट भी तैयार कराना होता है, जिसमें इस बात का उल्लेख रहता है कि आपकी पुरानी आरसी गुम हो चुकी है और इसका किसी भी अवैध गतिविधि में दुरुपयोग नहीं हुआ है।
ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया शुरू करने से पहले कुछ जरूरी दस्तावेजों को डिजिटल फॉर्मेट में एकत्र कर लें। इसमें आवेदन पत्र Form 26, दर्ज कराई गई एफआईआर की प्रति, वाहन की वैध बीमा पॉलिसी, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUCC), निवास प्रमाण पत्र और पहचान पत्र शामिल हैं। अगर आपकी गाड़ी पर किसी बैंक या फाइनेंस कंपनी का लोन चल रहा है, तो संबंधित संस्थान से जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी एनओसी भी जमा करनी होगी।

आवेदन करने के लिए सबसे पहले आधिकारिक परिवहन सेवा पोर्टल parivahan.gov.in को ओपन करें। वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर ‘Online Services’ टैब के भीतर दिए गए ‘Vehicle Related Services’ वाले विकल्प पर जाएं। इसके बाद अपने राज्य का चुनाव करें और वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करके संबंधित आरटीओ कार्यालय का चयन करें। अगली स्क्रीन पर सर्विसेज की सूची में से ‘Apply for Duplicate RC’ के विकल्प पर क्लिक करें।
अब सत्यापन प्रक्रिया के लिए आपको अपनी गाड़ी के चेसिस नंबर के अंतिम 5 अंक दर्ज करने होंगे। इसके बाद रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी प्राप्त होगा, जिसे दर्ज करके वेरिफिकेशन पूरा करें। अगले चरण में आरसी गुम होने का कारण चुनते हुए अपनी एफआईआर की जानकारी और तिथि भरें। प्रक्रिया आगे बढ़ाते हुए तय किए गए सरकारी शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें और मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेजों को स्पष्ट रूप से स्कैन करके अपलोड कर दें। भुगतान सफल होने के बाद मिलने वाली रसीद और भरे गए फॉर्म 26 को तुरंत डाउनलोड करके उनका प्रिंटआउट निकाल लें।
डिजिटल आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो जाने के पश्चात जनरेट हुए फॉर्म 26, फीस की रसीद और सभी जरूरी कागजात की सेल्फ-अटेस्टेड कॉपियां लेकर अपने नजदीकी आरटीओ दफ्तर जाएं। आरटीओ अधिकारी आपके आवेदन और दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन करेंगे। कागजी कार्रवाई सही पाए जाने के बाद 2 से 4 सप्ताह के भीतर आपकी नई चिप-आधारित डुप्लीकेट स्मार्ट आरसी आपके रजिस्टर्ड पते पर डाक द्वारा सुरक्षित पहुंचा दी जाएगी।

