Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिन गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित (Lok Sabha adjourned sine die) हो गया। आखिरी दिन लोकसभा की कार्यवाही सिर्फ 1 मिनट चली। जबकि राज्यसभा करीब 1 घंटे चली। स्पीकर ओम बिड़ला ने वंदे मातरम गान के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। मानसून सत्र के आखिरी दिन सदन में पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी पहुंचे। हालांकि विपक्ष के हंगामे के कारण संसद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित (Parliament adjourned sine die) कर दिया गया।
वहीं, राज्यसभा में आखिरी दिन MMDR संशोधन बिल पास हुआ। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हल्द्वानी में उनके कार्यक्रम के बाद हुए शुद्धिकरण का मुद्दा उठाया। इसे लेकर राज्यसभा में विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया।
तय शेड्यूल के मुताबिक, आज ही सत्र आखिरी दिन था। हालांकि कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष भारी हंगामा करने लगा। इसके कारण लोकसभा की कार्यवाही सिर्फ 1 मिनट चल सका और स्थगित हो गया। आखिरी दिन सदन में पीएम मोदी और अमित शाह भी पहुंचे। 20 जुलाई के बाद पहली बार अमित शाह सदन में नजर आए। कार्यवाही के बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने टी कार्यक्रम रखा। हालांकि संसद भवन में स्पीकर के टी कार्यक्रम में भी कांग्रेस के साथ इंडिया गठबंधन की अन्य पार्टी शामिल नहीं हुई।
पूरा सत्र हंगामे की भेंट चढ़ा
पूरा सत्र करीब-करीब हंगामे की भेंट चढ़ गया. विपक्षी पार्टियां दिल्ली में हुए लाठीचार्ज के मुद्दे पर अमित शाह के बयान की मांग कर रही थी। साथ ही राम मंदिर पर चर्चा की मांग उठाती रही। विपक्ष ने ‘चंदा किसने लूटा’, ‘अमित शाह सदन में आओ, सदन में आओ’ के नारे लगाए।
अमित शाह ने चला दांव
मानसून सत्र के आखिरी में सरकार ने सोमवार को कहा कि हम चर्चा के लिए तैयार हैं, विपक्ष को पूरा सुनना होगा। राहुल गांधी भागो मत जैसे नारे लगाए। इसके बाद बुधवार को अमित शाह ने खुद बयान दिया कि वो हर सवालों का जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी भी लिखी और कहा कि आप समय तक करें। हम हर सवाल का उत्तर देंगे। अमित शाह ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाए कि वो चर्चा नहीं चाहता है। आखिरी दिनों में सत्तारूढ़ एनडीए के सांसदों ने झारखंड में हुए लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया।

