रायपुर। पांचवीं और आठवीं की केंद्रीकृत परीक्षा में इस बार छात्रों को अंकसूचियां काफी देर से मिलीं। लेकिन वितरण के बाद उनमें कई त्रुटियां सामने आने लगी हैं। कई स्कूलों में पहुंची सैकड़ों अंकसूचियों में विद्यार्थियों के नाम, जन्मतिथि और स्कूलों के नाम तक गलत दर्ज पाए गए हैं। इन त्रुटियों के कारण विद्यार्थियों और पालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति को देखते हुए त्रुटिपूर्ण अंकसूचियों को वापस लेने और सुधार की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जिला शिक्षा कार्यालय ने सभी विकासखंडों को निर्देश जारी कर कहा है कि सत्र 2025-26 की केंद्रीकृत परीक्षा की अंकसूचियां संकुल समन्वयकों के माध्यम से संबंधित विद्यालयों तक पहुंचा दी गई हैं। अब जिन अंकसूचियों में त्रुटियां हैं, उन्हें एक जुलाई तक संकलित कर कार्यालय में जमा की जाए, ताकि समय पर मुद्रक को भेजकर सुधार कराया जा सके।
उल्लेखनीय है कि स्कूल शिक्षा विभाग पिछले वर्ष से पांचवीं और आठवीं की केंद्रीकृत परीक्षा आयोजित कर रहा है। इस व्यवस्था में विद्यार्थियों को फेल नहीं किया जाता और पूरक परीक्षा में सफल नहीं होने की स्थिति में भी उन्हें अगली कक्षा में प्रवेश दिया जाता है। इस वर्ष परीक्षा परिणाम 30 अप्रैल को घोषित किए गए थे।
ऐसे होगी त्रुटिपूर्ण अंकसूचियों की जांच और सुधार
- विद्यालय पहले अंकसूची का परीक्षाफल, दाखिल-खारिज रजिस्टर और अन्य शैक्षणिक दस्तावेजों से मिलान करेंगे। केवल वास्तविक टंकन त्रुटि पाए जाने पर ही सुधार के लिए अंकसूची स्वीकार होगी।
- त्रुटि वाले हिस्से को लाल स्याही से गोला लगाकर सही जानकारी दर्ज करनी होगी।
- संबंधित दस्तावेज संलग्न कर अंकसूची कार्यालय में जमा करनी होगी।
- सभी संशोधित अंकसूचियां संकुल समन्वयकों के माध्यम से एक जुलाई तक भेजना अनिवार्य किया गया है।
स्कूलों का कहना है कि अंकसूचियां पहले ही काफी देर से मिलीं, ऐसे में अब त्रुटियों के कारण सुधार प्रक्रिया में अतिरिक्त समय लगेगा। इसका असर विद्यार्थियों के दस्तावेजी कार्य और आगामी शैक्षणिक प्रक्रियाओं पर भी पड़ सकता है। ऐसे में विभाग समयबद्ध सुधार पर जोर दे रहा है।


