CG में पेपर लीक! IGKV में एंटोमोलॉजी विषय का प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले लीक होने का आरोप, एग्जाम रद्द करने की मांग

रायपुर। देशभर में पेपर लीक के मामले लगातार सुर्खियों में हैं। इसी बीच छत्तीसगढ़ के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में परीक्षा को लेकर विवाद सामने आया है। छात्रों ने B.Sc. द्वितीय वर्ष के एंटोमोलॉजी विषय के प्रश्नपत्र के लीक होने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर छात्रों ने विश्वविद्यालय के कुलपति से परीक्षा रद्द करने, उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं शिकायत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच कमेटी गठित कर दी है।

पेपर लीक का आरोप, परीक्षा रद्द कर कर जांच की मांग

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने विश्वविद्यालय के कुलपति को शिकायत पत्र सौंपते हुए कहा कि B.Sc. द्वितीय वर्ष के ‘Pest Management in Crops and Stored Grains-I’ (कोर्स कोड: AENT 221) विषय का प्रश्नपत्र लीक होने की घटना परीक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता है। इससे ईमानदारी से तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के साथ अन्याय हुआ है और परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए हैं।

ABVP ने मांग की है कि इस विषय की परीक्षा तत्काल निरस्त की जाए। साथ ही मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। संगठन ने पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा व्यवस्था के बीच परीक्षा दोबारा आयोजित करने की भी मांग की है।

शिकायत के बाद जांच कमेटी गठित

वहीं IGKV के कुलसचिव डॉ. कपिल देव दीपक ने बताया कि आज सुबह परीक्षा नियंत्रक को को पेपर लीक से संबंधित एक ई-मेल प्राप्त हुआ था। उन्होंने कहा कि ई-मेल भेजने वाला कोई छात्र नहीं, बल्कि बाहरी व्यक्ति है। शिकायत में कोई तथ्य नहीं है, लेकिन बच्चों के हित को देखते हुए तत्काल जांच कमेटी गठित की गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।

अभी तक पेपर लीक का कोई सबूत नहीं- कुलसचिव

कुलसचिव ने कहा कि अभी तक पेपर लीक होने का कोई सबूत नहीं मिला है। परीक्षा भी शांतिपूर्वक संपन्न हुई, सभी बच्चों ने परीक्षा दी है। दस बजे से पेपर था, आधे घंटे पहले सेंटरों में खोला जाता है। जानकारी मिलते ही प्रारंभिक जांच की गई। पेपर लीक होने का कोई भी सबूत नहीं मिला है। जिस पेपर को लीक करके दिया गया है, वह AI जनरेटेड है और पेपर से अलग कंटेंट है। पेपर के बाद बच्चे भी शिकायत करने आए थे। जांच कमेटी गठित की गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। मामले में पुलिस को भी जांच के लिए सौपेंगे।

फिलहाल, विश्वविद्यालय प्रशासन ने पेपर लीक की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि प्रश्नपत्र लीक हुआ था या नहीं।

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