राजा रघुवंशी हत्याकांड: सोनम की जमानत रद्द कराने सुप्रीम कोर्ट पहुंची मेघालय सरकार, टाइपोग्राफिकल त्रुटि के आधार पर मिली बेल को बताया गलत

इंदौर। देश केचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक बार फिर बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। मेघालय सरकार ने मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष याचिका दायर कर जमानत रद्द करने की मांग की है।

मामले की सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से जल्द सुनवाई का अनुरोध किया। इस पर शीर्ष अदालत ने मामले की शीघ्र सुनवाई का भरोसा दिया है। मेघालय सरकार का कहना है कि सोनम रघुवंशी को टाइपोग्राफिकल (टंकण) त्रुटि के आधार पर जमानत मिल गई, जबकि किसी कानूनी प्रावधान का गलत उल्लेख जमानत का वैध आधार नहीं हो सकता।

सरकार ने यह भी आशंका जताई है कि यदि जमानत बरकरार रहती है तो सोनम रघुवंशी के फरार होने की संभावना है। इसी आधार पर सरकार ने जमानत निरस्त करने की मांग की है। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में सुप्रीम कोर्ट जल्द सुनवाई करेगा। वहीं अदालत के आगामी फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इससे राजा रघुवंशी हत्याकांड की कानूनी दिशा तय हो सकती है।

बता दें कि इंदौर के राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी 21 मई 2025 को हनीमून मनाने मेघालय के शिलांग पहुंचे थे। 26 मई को दोनों सोहरा घूमने निकले, जिसके बाद वे लापता हो गए। पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय बचाव दल ने कई दिनों तक तलाशी अभियान चलाया। करीब एक सप्ताह बाद, 2 जून 2025 को राजा रघुवंशी का शव सोहरा स्थित वेई सादोंग फॉल्स के पास गहरी खाई से बरामद हुआ। इसके बाद मामले ने देशभर में सुर्खियां बटोरीं।

पति के हत्या की साजिश का आरोप

जांच एजेंसियों के अनुसार, इस मामले में सोनम रघुवंशी पर अपने कथित प्रेमी राज कुशवाहा के साथ मिलकर पति राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। मामले में विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी भी आरोपी बनाए गए हैं। हालांकि, सभी आरोपियों ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है और जांच व सुनवाई की प्रक्रिया जारी है।

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