सोनिया गांधी की तबीयत फिर खराब, अस्पताल में भर्ती…

Sonia Gandhi Health Update: इस वक्त की बड़ी खबर सोनिया गांधी को लेकर आई है। सोनिया गांधी की तबीयत फिर खराब हो गई है। वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सोनिया गांधी के साथ उनके बेटे और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और बेटी प्रियंका गांधी वाड्रा भी मौजूद हैं। सोनिया गांधी आंख की समस्या को लेकर मेदांता अस्पताल में भर्ती हुई हैं। सोनिया की माइनर सर्जरी होनी है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक वह थोड़ी देर में अस्पताल से डिस्चार्ज होंगी।

इससे पहले 25 मार्च 2026 को भी कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ गई थी। चेस्ट समस्या होने के कारण उन्हें दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय भी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी साथ में मौजूद थे।

बता दें कि सोनिया गांधी की तबीयत ठीक नहीं रहती है। उन्हें पेट से जुड़ी समस्याएं,फेफड़ों से जुड़ी समस्याएं और सांस से जुड़ी दिक्कत रहती हैं। उनका सर गंगा राम अस्पताल, शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज और गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में इलाज चलता है।

केरल की सरकार गठन में सोनिया गांधी की अहम भूमिका
फिलहाल सोनिया गांधी इस वक्त केरल में सरकार गठन को लेकर अहम भूमिका निभा रही हैं। हाल ही केरलम में हुए विधानसभा चुनाव केरल यूडीएफ (कांग्रेस) की जीत हुई है। जिसके बाद वहां कांग्रेस सरकार बनाने के लिए कवायद कर रही है। इसके लिए दिल्ली से तिरुवनंतपुरम तक कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। केरलम मसले पर सोनिया गांधी ही अंतिम फैसला करेंगी।

कैंसर इलाज के बाद से स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहीं

साल 2011 में अमेरिका में कैंसर का उपचार भी करवाना पड़ा था, जिसके बाद से वह स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहीं हैं। हालांकि, 2012 में इलाज करवाने के बाद उनकी तबीयत सही हो गई थी।

सोनिया गांधी की सियासी पारी

सोनिया गांधी की शादी 1968 में राजीव गांधी के साथ हुई थी। राजीव ने राजनीति से दूरी बनाकर एक एयरलाइन पायलट के रूप में अपना करियर चुना था। 1980 में संजय गांधी के निधन के बाद राजीव गांधी राजनीति में आए। 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव प्रधानमंत्री बने। सोनिया गांधी ने इस दौरान राजनीति से दूरी बनाए रखी और कला संरक्षण के क्षेत्र में काम किया। हालांकि 1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद सोनिया गांधी को कांग्रेस का नेतृत्व संभालने का प्रस्ताव मिला, जिसे उन्होंने शुरुआत में ठुकरा दिया था।

हालांकि 1998 में सोनिया गांधी ने कांग्रेस पार्टी की कमान संभाली। उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने 2004 में लोकसभा चुनाव जीता और यूपीए गठबंधन का गठन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री पद स्वीकार करने के बजाय मनमोहन सिंह को यह जिम्मेदारी सौंपी। 2009 में एक बार फिर उनके पास प्रधानमंत्री बनने का मौका थाय़ उन्होंने दोनों ही मौकों पर इसे ठुकराया और खुद की जगह डॉक्टर मनमोहन सिंह को नामित किया। सोनिया के इस फैसले ने सभी को चकित कर दिया था। वर्तमान में सोनिया गांधी कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख और राज्यसभा सांसद हैं।

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