दोहरी नागरिकता पर राहुल गांधी के खिलाफ FIR पर रोक…

प्रयागराज. रायबरेली से सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से जुड़े कथित दोहरी नागरिकता (Rahul Gandhi dual citizenship) मामले में उन्हें राहत मिली है. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने अपने ही पहले दिए गए FIR दर्ज करने के आदेश पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने कहा कि बिना आरोपी को नोटिस दिए FIR का आदेश देना उचित नहीं. न्यायमूर्ति ने माना कि ‘प्राकृतिक न्याय’ के सिद्धांत के तहत किसी भी व्यक्ति को पहले अपना पक्ष रखने का मौका मिलना चाहिए.

बता दें कि एक याचिका पर पहले न्यायालय ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया था, लेकिन बाद में यह पाया गया कि प्रस्तावित आरोपी को सुने बिना ऐसा आदेश देना प्रक्रिया के खिलाफ है. अब अदालत ने राहुल गांधी को नोटिस जारी करने का फैसला किया है और मामले की अगली सुनवाई 20 अप्रैल को तय की है.

गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने शनिवार को राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता (Rahul Gandhi dual citizenship) को लेकर आदेश दिया था. न्यायालय ने दोहरी नागरिकता के मामले में रायबरेली में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया था. इस मामले में याचिकाकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी के पास भारत के साथ-साथ ब्रिटेन की भी नागरिकता है. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने और जांच करने का निर्देश दिया है. जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने यह आदेश बीजेपी कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया .

न्यायालय ने दिए थे आरोपों की जांच के निर्देश

अदालत ने कहा था कि आरोपों की जांच होनी चाहिए. न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि या तो खुद इस मामले की जांच करे या फिर किसी केंद्रीय एजेंसी से इसकी जांच करवाए. यह फैसला कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर की ओर से दायर की गई याचिका पर आया है. याचिकाकर्ता ने कुछ दस्तावेज भी पेश किए हैं जो कथित तौर पर ब्रिटिश कंपनी के रिटर्न से जुड़े हैं, जहां राहुल गांधी को ‘ब्रिटिश नागरिक’ बताया गया था.

तथ्यों को छुपाने का आरोप

आरोप है कि साल 2003 से 2009 के बीच इस कंपनी के दस्तावेजों में राहुल गांधी को ‘ब्रिटिश नागरिक’ दिखाया गया था. याचिकाकर्ता का दावा है कि राहुल गांधी ने खुद को ब्रिटिश नागरिक घोषित किया था और वहां का पासपोर्ट या कानूनी दर्जा हासिल किया था. इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में दावा किया गया था कि राहुल गांधी ने विदेशी नागरिकता के तथ्यों को छुपाया है.

क्या कहता है भारत का कानून?

पूरी दुनिया में अमेरिका या ब्रिटेन जैसे कई देश अपने नागरिकों को दो देशों का पासपोर्ट रखने की इजाजत देते हैं, लेकिन भारत में ऐसा नहीं है. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 9 के मुताबिक, जैसे ही कोई भारतीय नागरिक किसी दूसरे देश की नागरिकता लेता है, उसकी भारतीय नागरिकता अपने आप खत्म हो जाती है. भारत के संविधान के अनुसार, कोई भी व्यक्ति एक साथ दो देशों की नागरिकता नहीं रख सकता.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!