प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को 28वें CSPOC (कॉन्फ्रेंस ऑफ स्पीकर्स एंड प्रेसिडिंग ऑफिसर्स ऑफ कॉमनवेल्थ) संबोधित किया. ये चौथी बार है जब इसका आयोजन भारत में हो रहा है. इस साल की थीम संसदीय लोकतंत्र की प्रभावी डिलीवरी है. पीएम मोदी ने कहा, आज के वैश्विक संदर्भ में बहुत प्रासंगिक है. जब भारत आजाद हुआ था, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस बात पर गंभीर संदेह था कि इतनी ज़्यादा विविधता वाले देश में लोकतंत्र टिक पाएगा या नहीं. भारत ने इन आशंकाओं को गलत साबित किया और अपनी विविधता को अपने लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत में बदल दिया. एक और आशंका यह थी कि अगर लोकतंत्र किसी तरह बच भी गया, तो भारत विकास के मामले में कुछ खास नहीं कर पाएगा.
पीएम मोदी ने कहा कि मैं सबका स्वागत करता हूं. जिस स्थान पर आप सभी बैठे हैं वो भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है. गुलामी के आखिरी वर्षों में जब भारत की आजादी तय हो चुकी थी तब इसी सेंटल हॉल में भारत के संविधान की रचना के लिए संविधान सभा की बैठकें हुई. 75 सालों तक ये इमारत भारत की संसद रही. यहां अनेक चर्चाएं हुई, अनेक फैसले लिए गए. अब इसको संविधान सदन का नाम दिया गया है.
पीएम मोदी ने और क्या कहा?
पीएम ने कहा कि संविधान सदन में सभी अतिथियों का आना भारत के लोकतंत्र के लिए बहुत अच्छा है. जब भारत आजाद हुआ था तब ये आशंका व्यक्त की गई कि इतनी डायवर्सिटी में भारत में लोकतंत्र टिक नहीं पाएगा. इसी डायवर्सिटी ने लोकतंत्र की ताकत बना दिया. भारत दुनिया की फास्टेस्ट ग्रोइंग मेजर इकॉनमी है. UPI दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल पेमेंट सिस्टम है. भारत दुनिया का सबसे बढ़ा वैक्सीन प्रोड्यूसर है. दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट अप इको सिस्टम है. भारत दुनिया का सबसे बड़ा मिल्क प्रोड्यूसर है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में लोकतंत्र का अर्थ लास्ट माइल डिलीवरी है. हम लोककल्याण की भावना के साथ बिना किसी भेदभाव के काम कर रहे हैं. पिछले कुछ वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले है. इन इंडिया डेमोक्रेसी डिलीवर्स. डेमोक्रेटिक स्पिरिट हमारे मन में है.

