अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने शराब घोटाले में आरोपमुक्त होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) पर तीखा हमला बोला है और बड़ी चुनावी चुनौती दे दी है। गोवा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने दावा किया कि अगर आज दिल्ली में विधानसभा चुनाव कराए जाएं, तो बीजेपी को 10 सीटें भी नहीं मिलेंगी, जबकि आम आदमी पार्टी 60 से ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी चुनाव हारी नहीं है, बल्कि बीजेपी ने “चुनाव हथिया लिया” है। केजरीवाल ने सीधे प्रधानमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि मौजूदा हालात में चुनाव कराए जाएं, तो नतीजे पूरी तरह अलग होंगे।
उन्होंने कहा कि जब कोई उन्हें बेईमान कहता है तो उन्हें और उनके परिवार को गहरा दुख होता है। इसी वजह से उन्होंने तय किया था कि जब तक अदालत उन्हें ईमानदार नहीं कहेगी, तब तक वे चुप रहेंगे। अब कोर्ट के फैसले के बाद उन्होंने कहा कि अगला फैसला देश की जनता करेगी। केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने उनके पांच नेताओं को जेल में डालकर दिल्ली की व्यवस्था को ठप कर दिया और सत्ता पर कब्जा कर लिया। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी चुनाव हारी नहीं, बल्कि “चुनाव छीन लिया गया।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली चुनौती देते हुए केजरीवाल ने कहा कि अगर आज दिल्ली में चुनाव कराए जाएं, तो बीजेपी 10 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी, जबकि आम आदमी पार्टी 60 से ज्यादा सीटें जीतकर आएगी।
अरविंद केजरीवाल ने अपने बयान में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने उन्हें और उनके साथियों को जेल में डालकर “देश की उम्मीद तोड़ने” की कोशिश की है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई के जरिए युवाओं को डराने का संदेश दिया गया है कि अगर वे राजनीति में आएंगे, तो उनके साथ भी ऐसा ही किया जा सकता है। केजरीवाल ने भारतीय जनता पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि ये पार्टियां कोई काम नहीं करतीं। उनके मुताबिक, जब आम आदमी पार्टी की सरकार बनी, तभी देश में पहली बार “काम की राजनीति” की शुरुआत हुई। उन्होंने जोर देकर कहा, “मैं आज छाती ठोककर कहता हूं कि आम आदमी पार्टी ईमानदार है।”
केजरीवाल ने कहा “आपने केजरीवाल को खत्म करने के लिए सब कुछ कर लिया, लेकिन केजरीवाल आज भी डटा हुआ है, झुकेगा नहीं।” केजरीवाल ने तीखी भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि अगर उन्हें राजनीति से हटाना है, तो या तो “उनका मर्डर करवा दिया जाए” या फिर उनके काम से बेहतर काम करके दिखाया जाए। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर दिल्ली में बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी हमला बोला। केजरीवाल के मुताबिक, कूड़ा उठाने, नालों की सफाई, सड़कों के निर्माण और पानी की आपूर्ति जैसे मुद्दों पर बीजेपी विफल रही है। उन्होंने कहा, “लोगों को पानी दो, काम करो केजरीवाल को जेल में डालने से कुछ नहीं होने वाला।”
अरविंद केजरीवाल ने अपने बयान में कहा कि वे करीब 150 दिन जेल में रहे, लेकिन इसके बावजूद वे पीछे हटने वाले नहीं हैं क्योंकि वे खुद को सच्चाई के रास्ते पर मानते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें बेईमान साबित करने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन अब जो करीब 600 पन्नों का अदालत का आदेश आया है, उसने पूरी स्थिति स्पष्ट कर दी है। केजरीवाल के मुताबिक, इस मामले में लगभग 5 महीने तक रोजाना सुनवाई हुई, जिसमें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय के वकीलों के साथ उनकी तरफ से भी लगातार जिरह की गई। उन्होंने कहा कि सभी सबूतों और गवाहों को देखने के बाद ही अदालत ने यह विस्तृत फैसला सुनाया है, जिससे उनकी बेगुनाही साबित होती है।
अरविंद केजरीवाल ने अपने बयान में दावा किया कि अदालत के आदेश में साफ कहा गया है कि जांच एजेंसियों के पास “रत्ती भर भी सबूत या गवाह नहीं” है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय ने कोर्ट से मुकदमा चलाने की मंजूरी मांगी थी, लेकिन जज ने यह कहते हुए अनुमति नहीं दी कि मामला शुरू करने लायक कोई ठोस सबूत ही मौजूद नहीं है। केजरीवाल के मुताबिक, इस केस में न ट्रायल चलेगा, न मुकदमा आगे बढ़ेगा और न ही कोई प्रथम दृष्टया सबूत पाया गया है। उन्होंने इसे अपनी “अग्नि परीक्षा” बताते हुए कहा कि अदालत के फैसले ने उनकी ईमानदारी पर मुहर लगा दी है।

