महाराष्ट्र की राजनीति में सियासी हलचल! CM फडणवीस से उद्धव ठाकरे की हुई मध्यरात्री मुलाकात

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ी हलचल देखने को मिल रही है, जहाँ उद्धव ठाकरे शिवसेना (यूबीटी) और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच मुलाकात के दावे सामने आए हैं। 25 अप्रैल 2026 की खबरों के अनुसार, 23-24 अप्रैल 2026 की मध्यरात्री में दोनों नेताओं के बीच ‘वर्षा’ निवास पर एक गुप्त बैठक का दावा किया गया है, जिसने राज्य में नए राजनीतिक समीकरणों और संभावित “सियासी भूकंप” की अटकलों को तेज कर दिया है। हालांकि मुलाकात मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच किस बारे में बातचीत हुई फिलहाल इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है.

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनावों से पहले उद्धव ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस की वर्षा बंगले में हुई देर रात मुलाकात ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है.

जानकारी के मुताबिक उद्धव ठाकरे कल रात करीब 2 बजे मुख्यमंत्री के आवास वर्षा बंगले में गए थे.डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा स्थापित मीडिया हाउस प्रबुद्ध भारत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए इस बात की जानकारी दी. दोनों नेताओं की देर रात हुई यह मुलाकात राज्य में में चर्चा का विषय बन गई है, इसको लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं.

जैसे-जैसे विधान परिषद चुनाव नजदीक आ रहे हैं, महाराष्ट्र में राजनीतिक घटनाक्रम में हलचल तेज हो गई है. महाविकास अघाड़ी से कौन विधान परिषद में जाएगा? इस संबंध में सस्पेंस अभी भी बना हुआ है. यह भी चर्चा है कि महाविकास अघाड़ी उद्धव ठाकरे को विधान परिषद में भेजने की तैयारी कर रही है.

पिछले कुछ सालों में इन दोनों नेताओं के बीच अक्सर मतभेद होते रहे हैं, वहीं गठबंधन टूटने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं. इसी महीने की शुरुआत में विधान परिषद के सेवानिवृत्त विधायकों के विदाई समारोह में उद्धव और फडणवीस सीएम ने कविता पाठ किया था. इस दौरान दोनों ने एक-दूसरे के प्रति सम्मान दिखाया था. दोनों के बीच की जुगलबंदी चर्चा का विषय बन गई थी.

दूसरी तरफ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजपी के लिए उद्धव ठाकरे का विधानसभा में होना एकनाथ शिंदे की शिवसेना को मजबूती देने के लिहाज से फायदेमंद है. इसी लिहाज से दोनों नेताओं की इस मुलाकात का विशेष महत्व है.

इस मुलाकात की खबरों पर शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने न तो पुष्टि की और न ही खंडन, केवल इतना कहा कि “जानकारी होने पर भी मैं क्यों बताऊँ? अभी बहुत कुछ होना बाकी है”।

बताते चले कि 2019 में, मुख्यमंत्री पद के लिए महायुति में तत्कालीन शिवसेना और बीजेपी के बीच जबरदस्त मुकाबला हुआ था. उद्धव ठाकरे ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस के साथ गठबंधन करके महाविकास अघाड़ी का गठन किया. इसे बीजेपी के लिए एक बड़ा झटका माना गया. लेकिन बाद में फडणवीस ने एक बड़ा दांव खेला. महायुति ने पहले शिवसेना और फिर राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी को तोड़कर सत्ता हासिल की.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!