बस किराया बढ़ाने की मांग, डीजल महंगा होने पर परिवहन मंत्री से मिले यातायात महासंघ के पदाधिकारी

 रायपुर। डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ ने बस किराया बढ़ाने की मांग की है। महासंघ के पदाधिकारी परिवहन मंत्री केदार कश्यप से मिलने पहुंचे और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।

यातायात महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सैयद अनवर अली ने कहा कि प्रदेश में आखिरी बार सितंबर 2021 में यात्री किराए में वृद्धि की गई थी। उसके बाद से बसों के संचालन खर्च में लगातार बढ़ोतरी हुई है। बीते 15 दिनों में डीजल के दाम 4 बार बढ़ चुके हैं। इसके अलावा बसों के चेचिस, बॉडी, टायर, बीमा, मरम्मत, स्पेयर पार्ट्स और कर्मचारियों के वेतन सहित सभी खर्चों में बढ़ोतरी हुई है। परिवहन विभाग द्वारा समय-समय पर व्हीकल फिटनेस, सीट बेल्ट, स्पीड गवर्नर, पैनिक बटन, हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट और अन्य सुरक्षा उपकरणों को अनिवार्य किया गया है, जिससे बस संचालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ा है।

सामान्य में 50 % और एसी बसों में 30 % किराया बढ़ाने की मांग

महासंघ ने कहा कि 11 मार्च 2025 की अधिसूचना के बाद यात्री किराए में करीब 25 प्रतिशत तक कमी की गई थी, जबकि डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और 90 प्रतिशत से अधिक बस संचालक आर्थिक रूप से प्रभावित हो चुके हैं। महासंघ ने मांग की है कि सामान्य यात्री बसों के किराए में 50 प्रतिशत और डीलक्स बसों के किराए में 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की जाए।

जानिए कितना बढ़ सकता है किराया

प्रदेश अध्यक्ष सैयद अनवर अली ने कहा कि रायपुर से जगदलपुर का वर्तमान किराया करीब 600 रुपए है, जो बढ़ोतरी के बाद 700 से 750 रुपए तक हो सकता है। वहीं रायपुर से दुर्ग का किराया 50 रुपए से बढ़कर करीब 75 रुपए तक पहुंच सकता है।
महासंघ ने सरकार से मांग की है कि सितंबर 2021 की किराया वृद्धि संबंधी व्यवस्था को फिर से लागू किया जाए और डीजल की कीमतों के आधार पर यात्री किराए में कमी या वृद्धि का स्थायी नियम बनाया जाए।

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