पश्चिम बंगाल में सत्ता गंवाने के बाद से ममता बनर्जी पर जैसे शनि का प्रकोप पड़ गया है। दीदी की 28 साल पुरानी पार्टी ताश के पत्तों की तरह बिखरती नजर आ रही है। सांसद से लेकर विधायक और पार्षद तक उनका साथ छोड़कर जा रहे हैं। कोलकाता से लेकर दिल्ली तक ममता के खिलाफ बगावत हो रही है। छोटे बड़े सभी लीडरों में पार्टी छोड़ने को लेकर होड़ मची है। इस बीच ममता बनर्जी पर एक और मुसीबत आ गई है। कोलकाता में ममता बनर्जी के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है।
दरअसल, मार्च 2026 में एक राजनीतिक भाषण के दौरान ममता ने चेतावनी दी थी कि अगर कोई ख़ास समुदाय एकजुट हो जाए, तो इसके दूसरों के लिए गंभीर नतीजे हो सकते हैं। ममता के सार्वजनिक भाषणों का हवाला देते हुए एक व्यापारी ने हेयर स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसे अब कोलकाता पुलिस ने FIR के तौर पर दर्ज कर लिया है।
इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की परेशानियां और बढ़ गई हैं। कोलकाता पुलिस ने उनके खिलाफ एक शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की है। मामला मार्च 2026 में दिए गए एक राजनीतिक भाषण से जुड़ा बताया जा रहा है।
शिकायतकर्ता, जो पेशे से एक व्यापारी हैं, ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के भाषण में की गई कुछ टिप्पणियां सामाजिक तनाव को बढ़ावा देने वाली थीं। इसी शिकायत के आधार पर हेयर स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया, जिसे बाद में औपचारिक FIR में बदल दिया गया।
दूसरी ओर, TMC के राष्ट्रीय महासचिव और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी भी विवादों में घिरे हुए हैं। विभिन्न मामलों में उनके खिलाफ पहले से कई शिकायतें और FIR दर्ज हैं। गुरुवार को जांच एजेंसियों ने उनसे पूछताछ की, जिससे राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया।
पार्टी के एक अन्य नेता जहांगीर खान के खिलाफ भी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उन पर जबरन वसूली, अवैध कब्जे और लोगों को धमकाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हाल ही में पुलिस ने उन्हें सार्वजनिक रूप से इलाके में घुमाकर कार्रवाई का संदेश देने की कोशिश की। यह वही क्षेत्र बताया जाता है जहां कभी उनका प्रभाव काफी मजबूत माना जाता था।
यह पहली बार नहीं है जब ममता बनर्जी कानूनी विवादों में घिरी हों। अतीत में भी उनके खिलाफ भड़काऊ भाषण, धार्मिक भावनाएं आहत करने और विवादित राजनीतिक टिप्पणियों को लेकर कई शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं।
हाल के महीनों में सिलीगुड़ी और कोलकाता से जुड़े मामलों में भी उनके कुछ बयानों पर सवाल उठे हैं। विपक्ष इन मुद्दों को लेकर सरकार पर लगातार हमला बोल रहा है, जबकि TMC इन आरोपों को राजनीतिक साजिश करार दे रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला बंगाल की राजनीति में और अधिक हलचल पैदा कर सकता है।


