शादी का झांसा देकर अपने आप को अविवाहित होने का नाटक करके 25 से अधिक महिलाओं से एक शख्स ने करोड़ों रुपये की ठगी की. महाराष्ट्र पुलिस ने उत्तर प्रदेश के नोएडा से करोड़ों की ठगी के आरोपी को गिरफ्तार किया है. उस पर आरोप है कि उसने बड़ी मात्रा में धन की हेराफेरी करने से पहले लोगों का विश्वास जीतने के लिए कई फर्जी नामों और पहचानों का इस्तेमाल किया.
आरोपी ने फर्जी पहचान और कई नामों का इस्तेमाल कर वैवाहिक विज्ञापनों के जरिए 25 से अधिक महिलाओं, जिनमें शारीरिक रूप से विकलांग, तलाकशुदा और असहाय महिलाओं से करोड़ों रुपये की ठगी की.
महाराष्ट्र पुलिस ने एक बड़े वैवाहिक धोखाधड़ी मामले में उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से अनुजकुमार चंद्रप्रकाश त्रिवेदी नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. वह फर्जी पहचान के तहत ग्रेटर नोएडा में रह रहा था. आरोपी व्यक्ति को मीरा भायंदर क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस की जांच में पता चला कि वह जानबूझकर भावनात्मक रूप से कमजोर महिलाओं को निशाना बनाता था. अधिकारी के अनुसार, आरोपी कई नामों का इस्तेमाल करता था, जिनमें अजय अग्रवाल, अजय संतोष सिंह और जयप्रकाश रमेशचंद्र गुप्ता शामिल हैं. मीरा भायंदर-वसई विरार पुलिस उपायुक्त (अपराध) संदीप दोइफोडे ने बताया कि आरोपी 24 मई को गिरफ्तार किया गया है.
75 वर्षीय एक महिला ने 4 मार्च 2022 को ठाणे जिले के नयानगर पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत कराई कि आरोपी ने अजय अग्रवाल बनकर अखबार में प्रकाशित विज्ञापन के माध्यम से 1 मार्च 2019 को उनकी 45 वर्षीय बेटी से शादी कर ली.
अधिकारी के अनुसार, आरोपी कई नामों का इस्तेमाल करता था, जिनमें अजय अग्रवाल, अजय संतोष सिंह और जयप्रकाश रमेशचंद्र गुप्ता शामिल हैं.
चार मार्च 2022 को 75 वर्षीय एक महिला ने नयानगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई कि आरोपी ने अखबार के विवाह विज्ञापन के जरिए उसकी 45 वर्षीय बेटी से संपर्क किया और 1 मार्च 2019 को उससे शादी की.आरोपी ने बाद में महिला के परिवार को फ्लैट बेचने के लिए मजबूर किया और नया मकान बनाने का वादा कर कुल 82 लाख रुपये नकद अलग-अलग किश्तों में ले लिए. फिर 33 तोला सोने के आभूषण चुरा लिए. उसके बाद फरार हो गया.
आरोपी ने इसी तरह की ठगी के जरिए 25 से अधिक महिलाओं को निशाना बनाया, जिनमें दिव्यांग, मानसिक रूप से कमजोर, तलाकशुदा और असहाय महिलाएं शामिल थीं.


