‘एंटी पेपर लीक बिल’ लोकसभा से पासः विपक्ष के भारी हंगामे के बीच ध्वनि मत से पास हुआ

PaperLeak Amendment Bill Passed by Lok Sabha: लोक परीक्षा संशोधन विधेयक-2026 यानी एंटी पेपर लीक बिल लोकसभा से पास हो गया है। विपक्ष के भारी हंगामे के बीच ध्वनि मत से एंटी पेपर लीक (Anti-paper leak bill) संशोधन बिल पास हुआ। बिल पास होने के बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा कार्यवाही 30 जुलाई 2026 सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। बिल पर मंगलवार को 9 घंटे चर्चा हुई। वहीं बुधवार को चर्चा और हंगामे के बाद बिल पास हुआ। अब इस अपराध में अधिकतम 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

इससे पहले पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने भाग लिया। राहुल गांधी ने अपने भाषण में कई बार पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के लिए असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया। । भाषण के दौरान राहुल गांधी की ‘इडियट’ और ‘अंधभक्त’ और अमित शाह पर राहुल को गोली मारने के लिए आदेश देने का आरोप लगाया। इस पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद सदन में जोरदार हंगामा किया।  राहुल गांधी के इन आरोपों पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू भड़क गए। उन्होंने राहुल गांधी से माफी की मांग की। जबकि स्पीकर ओम बिरला को कई बार हस्तक्षेप करना पड़ा। राहुल गांधी के बयान पर दो बार लोकसभा की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

राहुल गांधी के आरोपों का पीएमओ कार्यालय के राज्यमंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने जवाब दिया। जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस पर राजनीति करने का प्रयास हुआ, जो ठीक नहीं है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि संसद में राहुल गांधी का बयान गैरजिम्मेदाराना था। उन्होंने पूछा कि 152 पेपरलीक का आंकड़ा कहां से मिला। उन्होंने कहा कि हम नई  शिक्षा नीति लेकर आए. हमने मेडिकल कॉलेज बढ़ाए, एमबीबीएस की सीटें बढ़ाई।

देश में कहीं कोई गोली नहीं चलीः जितेंद्र सिंह

पीएम मोदी के लिए इडियट शब्द इस्तेमाल करने पर जितेंद्र सिंह (Jitendra Singh) ने कहा कि अगर कोई खुद को भी इडियट कहना चाहे, तो नहीं कह सकता। नेता प्रतिपक्ष को सार्वजनिक जीवन और प्रशासनिक प्रणाली के बुनियादी बिंदुओं की जानकारी का भी अभाव है। जब वो यह कहते हैं कि गृह मंत्री ने गोली चलाने का आदेश दिया और ऑथेंटिकेट नहीं कर सके, तो यह आदेश मजिस्ट्रेट देता है। दूसरी बात, गोली चली ही नहीं, तो आदेश का सवाल ही नहीं पैदा होता। फिर ये कहा कि गृह मंत्री के साथ 20 गाड़ियों का काफिला है। इतनी गाड़ियां गृह मंत्री के साथ कभी नहीं चलतीं। गृह मंत्री कभी भी विदेश नहीं गए। तथ्यों के बिना गैर जिम्मेदारी से बात कह देना और फिर निकल जाना, यह किसी जिम्मेदार नेता का व्यवहार हो ही नहीं सकता।

प्रधानमंत्री बनने की हसरत पूरी नहीं हुई तो पीएम आवास के पास ही बैठ जाते हैं राहुल गांधी

जितेंद्र सिंह ने आगे कहा कि 21 जुलाई को राहुल पीएम आवास के पास बैठ गए। प्रधानमंत्री बनने की हसरत पूरी नहीं हुई तो उन्होंने सोचा कि पीएम आवास के पास ही बैठ जाते हैं। उन्होंने कहा कि लोकसभा में कहा कि शुरू में तो ये उस आंदोलन के साथ जुड़ने में परहेज कर रहे थे। इन्हें लगा कि आम आदमी पार्टी का आंदोलन है। मगर जब इन्हें लगा कि आंदोलन उठने लगा कि तो ये उसमें शामिल हो गए। जब इन्हें पीएम आवास के पास से उठाया तो ये बड़े बेआबरू होकर वहां से निकले।

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