बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने कक्षा 10वीं की मार्कशीट में जन्मतिथि सुधार की याचिका को खारिज कर दिया है। याचिकाकर्ता सुमित शुक्ला ने 23 फरवरी 2004 की जगह 28 फरवरी 2004 को जन्मतिथि दर्ज करने का अनुरोध किया था। कोर्ट ने कहा कि जन्मतिथि में केवल पांच दिन का अंतर है और सुधार के लिए निर्धारित तीन वर्ष की अवधि समाप्त हो चुकी है।
जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद ने आदेश देते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ने पहले मार्कशीट में अन्य विवरणों के सुधार के लिए आवेदन किया था, लेकिन उस समय जन्मतिथि की गलती का उल्लेख नहीं किया था। सुमित शुक्ला ने हाई कोर्ट में छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, रायपुर के 30 जनवरी 2026 के आदेश को चुनौती दी थी।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सिद्धार्थ दुबे ने बताया कि जन्मतिथि में आवश्यक सुधार न होने के कारण उन्हें कोर्ट का रुख करना पड़ा। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिवक्ता योगेंद्र पांडेय ने कहा कि मार्कशीट 30 नवंबर 2022 को जारी की गई थी और सुधार के लिए तीन वर्ष की अवधि समाप्त हो चुकी है।
कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद पाया कि याचिकाकर्ता ने पहले भी सुधार की मांग की थी, लेकिन जन्मतिथि की गलती की जानकारी नहीं दी थी। इस आधार पर, हाई कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी।

