कोरबा। सतरेगा के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल स्थित रिसार्ट में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब विद्युत मीटर बोर्ड के पीछे करीब आठ फीट लंबा किंग कोबरा छिपा मिला। रेस्ट हाउस के मैनेजर इस्तीखार खान की नजर सांप पर पड़ी तो उन्होंने तत्काल वन विभाग और नोवा नेचर संस्था के सदस्य जितेंद्र सारथी को सूचना दी। इसके बाद प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और बिजली आपूर्ति बंद कराने के बाद सावधानीपूर्वक किंग कोबरा को बाहर निकाला।
घटना गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे की है। विद्युत विभाग की मदद से पहले बोर्ड की बिजली बंद कराई गई। इसके बाद रेस्क्यू टीम ने बोर्ड के पीछे बेहद संकरी जगह में छिपे किंग कोबरा को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। सांप के छिपे होने की जगह कम होने के कारण उसे सुरक्षित तरीके से बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण था।
करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद टीम ने लगभग आठ फीट लंबे किंग कोबरा को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू के दौरान सांप को नुकसान पहुंचाए बिना उसे सुरक्षित निकालने के साथ आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा गया। पंचनामा की कार्रवाई के बाद किंग कोबरा को उसके अनुकूल प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।

लगातार मिल रहे छोटे किंग कोबरा
कोरबा के लेमरू, बालको, पसरखेत और आसपास के वन क्षेत्रों में पिछले कुछ समय से छोटे आकार के किंग कोबरा लगातार सामने आ रहे हैं। अलग-अलग स्थानों पर कम उम्र के किंग कोबरा की मौजूदगी वन क्षेत्रों में इस प्रजाति के अनुकूल वातावरण की ओर संकेत करती है। हालांकि, क्षेत्र में किंग कोबरा की वास्तविक संख्या, उनके आवास और प्रजनन की स्थिति का स्पष्ट आकलन वैज्ञानिक अध्ययन के बाद ही किया जा सकता है।
वन्यजीवों के प्रति बढ़ी संवेदनशीलता
किंग कोबरा जैसे विषैले सांप के सामने आने के बावजूद स्थानीय लोगों द्वारा उसे मारने के बजाय वन विभाग और प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना देना संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण बदलाव है। समय पर सूचना मिलने से सांप को सुरक्षित बचाया जा रहा है और रेस्क्यू के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जा रहा है। इससे मानव और वन्यजीव के बीच सुरक्षित सह-अस्तित्व की दिशा में भी सकारात्मक संदेश जा रहा है।

