धर्म। प्राचीन ज्योतिष परंपरा और जनमानस में ग्रहों की चाल, दशा और उनके बुरे प्रभावों को लेकर हमेशा से लोगों की गहरी आस्था और जिज्ञासा रहती है। जन्म कुंडली में जब राहु और केतु जैसे छाया ग्रह कमजोर स्थिति में होते हैं या गलत प्रभाव देने लगते हैं।तो मनुष्य के जीवन में अचानक कई तरह की कठिनाइयां, मानसिक तनाव और बाधाएं आने लगती हैं।यदि किसी इंसान का राहु या केतु गड़बड़ चल रहा है और उन्हें इसके कारण जीवन में कष्ट मिल रहे हैं। तो इसके निवारण के लिए एक बहुत आसान उपाय है।
राहु-केतु दोष से मुक्ति के उपाय
एक सफेद फूल लेकर उसे अपने ऊपर से 21 बार उतारना होता है। इसके बाद राहु का स्मरण करते हुए उस फूल को ले जाकर ऐसी जगह पर रख दिया जाता है। जहां पानी बह रहा हो—विशेष तौर पर भगवान शंकर के चरणों में या जलाधारी में जहां से जल नीचे गिरता है। इस प्रक्रिया को पूरी श्रद्धा के साथ करने से राहु-केतु के कारण मिलने वाले कष्टों से राहत मिलती है और जीवन में मानसिक शांति का अनुभव होने लगता है।
राहु-केतु दोष से बचने के लिए याद रखें ये बातें
- राहु और केतु को जीवन में अचानक होने वाले बदलावों, भ्रम, मानसिक उलझनों और अप्रत्याशित परिस्थितियों से जोड़कर देखा जाता है। इसलिए इन ग्रहों की शांति के लिए पूजा-पाठ के साथ-साथ अपने आचरण और विचारों को सकारात्मक बनाए रखना भी जरूरी होता है।
- नियमित रूप से भगवान शंकर जी की आराधना करने और उनका स्मरण करने से मन को शांति मिलती है।
- सोमवार के दिन शिवलिंग पर स्वच्छ जल अर्पित करके भगवान शंकर से सुख-शांति की प्रार्थना कर सकते हैं।
- पूजा के दौरान मन को शांत रखें और अपनी परेशानियों के समाधान के लिए श्रद्धापूर्वक प्रार्थना करें।
- जरूरतमंद लोगों की सहायता करें।पशु-पक्षियों के प्रति दया भाव रखना और किसी का अहित न करना भी अच्छे कर्मों में शामिल है।
- राहु-केतु से जुड़े उपाय करते समय साफ-सफाई और पवित्रता का खास ध्यान रखना चाहिए।
- यदि आप फूल को जल में प्रवाहित करने की परंपरा का पालन करते हैं।तो नदियों या अन्य प्राकृतिक जलस्रोतों को प्रदूषित करने के बजाय किसी साफ और उचित स्थान पर फूल अर्पित करें।
- यदि आप लगातार मानसिक तनाव या अन्य कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, तो पूजा-पाठ के साथ व्यावहारिक समाधान अपनाना भी जरूरी है। सकारात्मक सोच, धैर्य और सही दिशा में किए गए प्रयास जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

