Asian Para Games 2026: भारत ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए कुल 114 पदक अपने नाम किए। जापान के आइची-नागोया में 18 से 24 अक्टूबर तक हुए इस टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ियों ने 30 गोल्ड, 35 सिल्वर और 49 ब्रॉन्ज मेडल जीते। इसके साथ ही भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। इस बार भारतीय दल ने न सिर्फ अपना पिछला रिकॉर्ड पीछे छोड़ा, बल्कि अलग-अलग खेलों में मजबूत प्रदर्शन कर अपनी पदक जीत का दायरा भी बढ़ाया।
भारत की इस सफलता में पैरा एथलेटिक्स की सबसे बड़ी भूमिका रही। इस खेल में भारतीय खिलाड़ियों ने 65 पदक जीते, जिनमें 22 स्वर्ण, 19 रजत और 24 कांस्य शामिल हैं। पैरा बैडमिंटन में 16 पदक और पैरा स्विमिंग में 11 पदक मिले। पैरा टेबल टेनिस, पैरा आर्चरी, पैरा शूटिंग, पैरा जूडो और पैरा पावरलिफ्टिंग में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पदक हासिल किए। इस तरह भारत ने आठ खेलों में पदक जीतकर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।
पिछला रिकॉर्ड तोड़कर भारत ने बनाया नया कीर्तिमान
भारत के लिए यह प्रदर्शन इसलिए भी खास है, क्योंकि पिछले एशियन पैरा गेम्स में भारतीय दल ने 108 पदक जीते थे। हांगझोऊ में हुए 2022 संस्करण के बाद भारत के पदकों की संख्या को लेकर आंकड़ों में अंतर देखने को मिला था। शुरुआती कुल 111 पदकों में से डोपिंग उल्लंघनों के कारण तीन पदक हटाए जाने के बाद आधिकारिक आंकड़ा 108 रह गया था। इस बार 114 पदकों के साथ भारत ने उस संशोधित रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
भारत ने इस बार 30 स्वर्ण पदक भी जीते। यह आंकड़ा दिखाता है कि भारतीय खिलाड़ियों ने केवल पदक संख्या बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान हासिल करने पर भी ध्यान दिया। अलग-अलग स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल मिलने से भारत की पदक तालिका मजबूत हुई और टीम चौथे स्थान पर रही।
चीन पहले, जापान दूसरे और उज्बेकिस्तान तीसरे स्थान पर
एशियन पैरा गेम्स 2026 की पदक तालिका में चीन पहले स्थान पर रहा। मेजबान जापान दूसरे और उज्बेकिस्तान तीसरे स्थान पर रहा। भारत ने 30 स्वर्ण पदकों के साथ चौथा स्थान हासिल किया। दक्षिण कोरिया और ईरान जैसे देशों ने भी बड़ी संख्या में पदक जीते, लेकिन स्वर्ण पदकों की संख्या के आधार पर भारत उनसे आगे रहा।
पदक तालिका में स्थान तय करते समय सबसे पहले स्वर्ण पदकों की संख्या देखी जाती है। इसके बाद जरूरत पड़ने पर रजत और कांस्य पदकों की तुलना की जाती है। इसी वजह से कुछ देशों के कुल पदक भारत से ज्यादा होने के बावजूद वे रैंकिंग में उससे नीचे रहे।
पैरा एथलेटिक्स बना भारत की सफलता का सबसे बड़ा आधार
भारतीय दल के कुल 114 पदकों में से 65 पदक पैरा एथलेटिक्स से आए। इसमें ट्रैक और फील्ड की अलग-अलग स्पर्धाएं शामिल थीं। भारतीय खिलाड़ियों ने दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, भाला फेंक, गोला फेंक और चक्का फेंक जैसी स्पर्धाओं में पदक जीते।
पैरा एथलेटिक्स में भारत को 22 गोल्ड, 19 सिल्वर और 24 ब्रॉन्ज मेडल मिले। यह किसी एक खेल में भारत का सबसे बड़ा योगदान रहा। इस प्रदर्शन ने कुल पदक संख्या बढ़ाने के साथ भारत को शीर्ष चार देशों में बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।
प्रतियोगिता के दौरान कई भारतीय खिलाड़ियों ने रिकॉर्ड स्तर का प्रदर्शन भी किया। भाला फेंक में हनेई ने पुरुषों की F37 स्पर्धा में 60.49 मीटर का थ्रो कर विश्व रिकॉर्ड बनाया। सैंडीप ने पुरुषों की 400 मीटर T64 स्पर्धा में 52.28 सेकंड का समय लेकर विश्व रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। वहीं प्रवीण सोरमा ने क्लब थ्रो में गेम्स रिकॉर्ड प्रदर्शन किया।
इन नतीजों ने दिखाया कि भारत की सफलता केवल पदक संख्या तक सीमित नहीं रही। खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी उच्च स्तर का प्रदर्शन किया और प्रतियोगिता के रिकॉर्ड पर असर डाला।
पैरा बैडमिंटन में 16 पदक, कई स्पर्धाओं में मिली सफलता
पैरा बैडमिंटन भारत का दूसरा सबसे सफल खेल रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने इसमें तीन गोल्ड, पांच सिल्वर और आठ ब्रॉन्ज सहित कुल 16 पदक जीते। अलग-अलग वर्गों और स्पर्धाओं में मिले इन पदकों ने भारत की कुल संख्या को मजबूती दी।
इस खेल में भारतीय खिलाड़ियों ने सिंगल्स और डबल्स सहित विभिन्न स्पर्धाओं में हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में कई मुकाबले कड़े रहे और खिलाड़ियों को पदक के लिए शीर्ष स्तर के प्रतिद्वंद्वियों का सामना करना पड़ा। तीन स्वर्ण पदकों के साथ भारत ने यह भी दिखाया कि पैरा बैडमिंटन में उसका प्रदर्शन लगातार प्रतिस्पर्धी बना हुआ है।
पैरा स्विमिंग में 11 पदक, पिछली बार से बड़ा सुधार
पैरा स्विमिंग में भारत ने 11 पदक हासिल किए। इनमें तीन सिल्वर और आठ ब्रॉन्ज मेडल शामिल रहे। यह प्रदर्शन पिछले संस्करण की तुलना में उल्लेखनीय सुधार था। भारतीय तैराकों ने फ्रीस्टाइल, बैकस्ट्रोक और अन्य स्पर्धाओं में पदक हासिल किए।
रवि कार्तिक बुडिगिना ने पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल S13 स्पर्धा में सिल्वर पदक जीता। उन्होंने 100 मीटर बैकस्ट्रोक S13 में भी रजत पदक हासिल किया। हिमांशु नंदल ने पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल S11 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। इन नतीजों ने भारत की स्विमिंग पदक संख्या बढ़ाने में योगदान दिया।
शीतल देवी के तीन पदक, आर्चरी में भारत को छह मेडल
पैरा आर्चरी में भारत ने कुल छह पदक जीते। इनमें तीन गोल्ड और तीन सिल्वर मेडल शामिल रहे। शीतल देवी इस खेल में भारत के प्रमुख चेहरों में रहीं। उन्होंने महिला कंपाउंड व्यक्तिगत स्पर्धा और कंपाउंड मिक्स्ड टीम में स्वर्ण पदक जीते। महिला कंपाउंड डबल्स में उन्होंने पायल नाग के साथ रजत पदक हासिल किया। इस तरह उनके खाते में कुल तीन पदक आए।
शीतल देवी का प्रदर्शन इसलिए भी उल्लेखनीय रहा, क्योंकि उन्होंने व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में पदक हासिल किए। आर्चरी में भारत को मिले तीन स्वर्ण और तीन रजत पदकों ने कुल पदक तालिका में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
पैरा शूटिंग में मोना अग्रवाल के दो गोल्ड
पैरा शूटिंग में भारत ने दो गोल्ड, दो सिल्वर और एक ब्रॉन्ज सहित पांच पदक जीते। मोना अग्रवाल ने महिला 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया। उन्होंने महिला 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस SH1 में भी गोल्ड जीता।
अवनि लेखरा ने महिला 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 में रजत पदक हासिल किया, जबकि मनीष नरवाल ने पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल SH1 स्पर्धा में सिल्वर जीता। शूटिंग में मिली इन उपलब्धियों ने भारत की पदक तालिका में एक और अहम योगदान जोड़ा।
टेबल टेनिस, जूडो और पावरलिफ्टिंग में भी पदक
पैरा टेबल टेनिस में भारतीय खिलाड़ियों ने सात कांस्य पदक जीते। इन पदकों में अलग-अलग वर्गों की व्यक्तिगत और युगल स्पर्धाएं शामिल रहीं। पैरा जूडो में भारत को एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल मिला, जबकि पैरा पावरलिफ्टिंग में दो रजत पदक हासिल हुए।
पावरलिफ्टिंग में अशोक ने पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में 192 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक जीता। कस्तूरी राजमणि ने महिलाओं के 67 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर हासिल किया। पैरा जूडो में कोकिला ने महिलाओं के J2-52 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता, जबकि कपिल परमार ने पुरुषों के J1-70 किलोग्राम वर्ग में कांस्य पदक अपने नाम किया।
भारत की खेलवार पदक तालिका
| खेल | गोल्ड | सिल्वर | ब्रॉन्ज | कुल |
|---|---|---|---|---|
| पैरा एथलेटिक्स | 22 | 19 | 24 | 65 |
| पैरा बैडमिंटन | 3 | 5 | 8 | 16 |
| पैरा स्विमिंग | 0 | 3 | 8 | 11 |
| पैरा टेबल टेनिस | 0 | 0 | 7 | 7 |
| पैरा आर्चरी | 3 | 3 | 0 | 6 |
| पैरा शूटिंग | 2 | 2 | 1 | 5 |
| पैरा जूडो | 0 | 1 | 1 | 2 |
| पैरा पावरलिफ्टिंग | 0 | 2 | 0 | 2 |
| कुल | 30 | 35 | 49 | 114 |
स्रोत: आकाशवाणी समाचार और प्रकाशित खेल रिपोर्टें।
एशियन पैरा गेम्स 2026: शीर्ष 10 देशों की पदक तालिका
| स्थान | देश | गोल्ड | सिल्वर | ब्रॉन्ज | कुल |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | चीन | 204 | 115 | 108 | 427 |
| 2 | जापान | 64 | 60 | 62 | 186 |
| 3 | उज्बेकिस्तान | 45 | 49 | 51 | 145 |
| 4 | भारत | 30 | 35 | 49 | 114 |
| 5 | दक्षिण कोरिया | 28 | 36 | 33 | 97 |
| 6 | ईरान | 26 | 36 | 40 | 102 |
| 7 | थाईलैंड | 18 | 39 | 63 | 120 |
| 8 | इंडोनेशिया | 14 | 20 | 37 | 71 |
| 9 | कजाखस्तान | 12 | 16 | 22 | 50 |
| 10 | सऊदी अरब | 7 | 8 | 1 | 16 |
समापन के साथ भारत के प्रदर्शन पर नजर
24 अक्टूबर को एशियन पैरा गेम्स 2026 का समापन हुआ। भारत ने 114 पदकों के साथ प्रतियोगिता में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भारतीय पैरा खिलाड़ियों की उपलब्धि की सराहना की और इसे देश के लिए गर्व का अवसर बताया।
भारत की इस पदक तालिका में एथलेटिक्स की बड़ी भूमिका रही, लेकिन बैडमिंटन, स्विमिंग, आर्चरी और शूटिंग में मिली सफलता ने प्रदर्शन को और व्यापक बनाया। कुल पदकों का नया रिकॉर्ड भारतीय पैरा खेलों के लिए अहम उपलब्धि है। अब खिलाड़ियों के सामने इस स्तर को बनाए रखने और आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने की चुनौती होगी। एशियन पैरा गेम्स का अगला संस्करण 2030 में दोहा में आयोजित किया जाना है।

