10 लाख के कर्ज ने रची हत्या की साजिश
पुलिस के मुताबिक, पामगढ़ निवासी राजा खरे ने जोहित खरे से करीब 10 लाख रुपये उधार लिए थे। लंबे समय से रकम वापस नहीं मिलने के कारण जोहित लगातार पैसे लौटाने का दबाव बना रहा था। बताया जा रहा है कि हाल ही में जोहित ने राजा खरे से कहा था कि यदि वह कर्ज नहीं चुका सकता, तो अपना मकान बेचकर रकम वापस करे। पुलिस का दावा है कि मकान बेचने के दबाव और कर्ज चुकाने की परेशानी से बचने के लिए राजा खरे ने अपने साथी मुकेश कश्यप के साथ मिलकर जोहित खरे की हत्या की योजना बनाई।
शराब पीने के बहाने बुलाया, गिलास में मिलाया सुहागा
जानकारी के अनुसार, 23 अक्टूबर की शाम राजा खरे और मुकेश कश्यप ने जोहित खरे को बातचीत और शराब पीने के बहाने बुलाया था। इसी दौरान पामगढ़ के पार्षद रामखिलावन जांगड़े भी वहां पहुंच गए। इसके बाद सभी ने स्थानीय दुकान से शराब खरीदी और साथ बैठकर शराब पीने लगे। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पहले से बनाई गई योजना के तहत जोहित खरे के गिलास में कथित तौर पर सुहागा मिला दिया। बताया जा रहा है कि पार्षद रामखिलावन जांगड़े इस साजिश से अनजान थे। लेकिन उसी दौरान शराब का सेवन करने से वह भी जहरीले पदार्थ के प्रभाव में आ गए।
शराब पीते ही बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में दोनों की मौत
शराब पीने के कुछ समय बाद जोहित खरे और रामखिलावन जांगड़े की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। दोनों को लगातार उल्टियां होने लगीं और उनकी हालत गंभीर हो गई। आनन-फानन में दोनों को पामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बिलासपुर स्थित सिम्स मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। सिम्स अस्पताल में इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई। एक साथ दो लोगों की मौत होने से इलाके में सनसनी फैल गई।
पुलिस जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई। घटना के बाद आरोपी राजा खरे ने खुद को बीमार बताकर बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में भर्ती करा लिया था। पुलिस के अनुसार, उसके साथी से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आईं। इसके बाद पुलिस का संदेह राजा खरे पर गहरा गया। बताया जा रहा है कि पुलिस ने अस्पताल में भर्ती आरोपी पर करीब 24 घंटे निगरानी रखी और मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल से शराब की बोतलें, डिस्पोजेबल गिलास, कपड़े और उल्टी के नमूने जब्त किए। इन सभी सामग्रियों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। पुलिस जांच में सुहागा की मौजूदगी की पुष्टि होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, मौत के सटीक चिकित्सकीय कारणों और आरोपियों की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर तय होगा।
जांजगीर-चांपा के पुलिस अधीक्षक विजय पांडे के अनुसार, मामले में आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस का दावा है कि कर्ज के विवाद के चलते जोहित खरे की हत्या की साजिश रची गई थी, लेकिन इस घटना में पार्षद रामखिलावन जांगड़े की भी जान चली गई। फिलहाल पुलिस मामले में साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

