Central Employees DA Hike: इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। मोदी सरकार (Modi government) ने दिवाली से पहले केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी खुखबरी दी है। मोदी सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। मोदी कैबिनेट (Modi Cabinet) ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 3 फीसदी डीए यानी महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के लिए मंजूरी दी है। कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 60% से 63% हो गया है। फैसले से लगभग 48 लाख कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनर्स को फायदा होगा। नई दरें 1 जुलाई से लागू मानी जाएंगी। सरकार इसपर 10 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी। इसके लिए सरकार ने 10016 करोड़ रुपए मंजूर भी किए है। इस बढ़ोतरी के साथ ही कर्मचारियों को जुलाई से जोड़कर 4 महीने का एरियर भी दिया जाएगा। यह एरियर कर्मचारियों की अक्टूबर सैलरी के साथ आएगी।
केंद्र सरकार में पदस्थ कर्मचारी इसका बड़ी ही बेसब्री से कई दिनों से इंतजार कर रहे थे। आज यानी 28 अक्टूबर को हुई केंद्र सरकार की कैबिनेट की बैठक में फैसला कर्मचारियों के 3% महंगाई भत्ते बढ़ाने की मांग को हरी झंडी मिली।

बता दें कि इससे पहले सरकार ने अप्रैल में कर्मचारियों के डीए और पेंशनर्स के लिए DR में 2 फीसदी का इजाफा किया था। उस बढ़ोतरी के साथ DA की दर 60% पर पहुंच गई थी। अब 3 फीसदी की ताजा बढ़ोतरी के बाद यह आंकड़ा 63 फीसदी हो गया है। सरकार के इस फैसले से त्योहारों के सीजन में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सीधा आर्थिक फायदा मिलेगा और पिछले महीनों का एरियर भी खाते में आएगा।
कितनी बढ़ सकती है सैलरी?
सरकार के इस फैसले से केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। अगर आपकी बेसिक सैलरी 18000 रुपये है, तो हर महीने 540 रुपये का इजाफा होगा। वहीं 30 हजार रुपये की बेसिक सैलरी पर 900 रुपये मंथली बढ़ोतरी होगी। 50 हजार रुपये की बेसिक सैलरी पर महंगाई भत्ते में 1500 रुपये का इजाफा होगा।
कैबिनेट की बैठक लिए गए अन्य फैसलेः-
मोदी कैबिनेट की बैठक में केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते के अलावे कई और महत्वपूर्ण लिए गए। मोदी सरकार की अन्य प्रमुख मंजूरियों में 10,000 करोड़ रुपए के आवंटन वाली ‘कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग प्रमोशन स्कीम’, 1,856 करोड़ रुपए की ‘खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम’ और 7,395 करोड़ रुपए की ‘प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना’ शामिल हैं। खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम’ आठ वर्षों (वित्त वर्ष 2026-27 से वित्त वर्ष 2033-34 तक) के लिए है। इसके दो हिस्से विनिर्माण को बढ़ावा देने वाले प्रोत्साहन (इंसेंटिव) और एक व्यापक इकोसिस्टम तैयार करने वाले उपाय शामिल हैं।

