UCC पर अमित शाह के ऐलान से सियासत गरम, कांग्रेस बोली- महंगाई और बेरोजगारी पर बात क्यों नहीं?

लखनऊ. गृह मंत्री अमित शाह के 2029 से पहले सभी 21 NDA शासित राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. कांग्रेस नेताओं ने UCC को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए इसे महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक मुद्दों से ध्यान भटकाने वाला कदम बताया है.

अमित शाह के ऐलान से बढ़ी सियासी हलचल

अमित शाह ने घोषणा की है कि 2029 से पहले NDA शासित सभी 21 राज्यों में UCC लागू किया जाएगा. इस बयान के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए हैं. UCC का उद्देश्य देश में अलग-अलग समुदायों के व्यक्तिगत कानूनों की जगह समान नागरिक कानून लागू करना है.

इमरान मसूद बोले- परंपराओं के देश में वोट बैंक की राजनीति

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि UCC लागू हो या न हो, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. उन्होंने कहा कि भारत परंपराओं का देश है और लोग अपनी परंपराओं का पालन करेंगे. मसूद ने आरोप लगाया कि सरकार महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय ऐसे मुद्दे उठा रही है, जिनका आम लोगों की समस्याओं से कोई सीधा संबंध नहीं है.

सलमान खुर्शीद ने संविधान का दिया हवाला

कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि सरकार इस घोषणा के जरिए क्या संदेश देना चाहती है. उन्होंने कहा कि भाजपा की अपनी विचारधारा है, जिससे कांग्रेस सहमत नहीं है. खुर्शीद ने जोर दिया कि किसी भी राजनीतिक विचारधारा को संविधान से अलग नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि सरकार UCC को दूसरे राज्यों में भी लागू करना चाहती है.

राशिद अल्वी ने महंगाई-बेरोजगारी पर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने UCC को लेकर सरकार से सवाल किया कि क्या इससे देश की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बेरोजगारी खत्म होगी या पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम होंगी. उन्होंने आरोप लगाया कि अलग-अलग समुदायों के व्यक्तिगत कानूनों को बदलने की कोशिश एक तरह की जिद है. हालांकि, UCC समर्थक पक्ष इसे सभी नागरिकों के लिए समान कानून और लैंगिक समानता से जोड़ता है. राज्यों में इसे लागू करने की प्रक्रिया और कानूनी स्वरूप भी महत्वपूर्ण होगा.

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