CJI बीआर आज रिटायर होने जा रहे हैं। गवई ने कहा कि उनका सफर संविधान तथा उनके माता-पिता के संस्कारों ने उन्हें यहां तक पहुंचाया। उन्होंने कहा, “40 साल पहले शुरू हुई मेरी यात्रा से मैं बेहद संतुष्ट हूं।” वहीं 24 नवंबर यानि कल जस्टिस सूर्यकांत सुप्रीम कोर्ट के 53वें CJI के तौर पर शपथ लेने वाले हैं। इससे पहले उन्होंने मीडिया को दिए इंटरव्यू में कहा कि वे 1 दिसंबर को देश को सरप्राइज देंगे। उन्होंने केवल इतना इशारा किया कि सरप्राइज केसों की लिस्टिंग को लेकर है। उन्होंने कहा कि, लिस्टिंग की व्यवस्था इतनी अच्छी होगी कि सब इसका स्वागत करेंगे।
देश के सबसे बड़े ज्यूडिशियल ऑफिस का चार्ज संभालने से पहले, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) डेजिग्नेटेड, जस्टिस सूर्यकांत ने शनिवार को कहा कि उनका मेन फोकस देश की अदालतों में पेंडिंग केसों की भारी संख्या को कम करना होगा।
अपने शपथ ग्रहण से पहले जस्टिस सूर्यकांत दिल्ली में अपने सरकारी आवास पर लीगल जर्नलिस्ट्स के एक ग्रुप को एड्रेस कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि, उनका फोकस कोर्ट के उन मामलों का निपटारा करने पर रहेगा, जो हाईकोर्ट में लास्ट स्टेज में हैं और सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने के कारण लटके हैं। जस्टिस सूर्यकांत ने मीडिएशन को भी एक गेम चेंजर बताया। उन्होंने कहा कि यह लिटिगेंट्स को कोर्ट के बाहर तेजी से सेटलमेंट दिला सकता है। अगर पेंडिंग और प्री-लिटिगेशन केस मीडिएशन से सुलझाए जाते हैं, तो कोर्ट पर बोझ काफी कम हो जाएगा।
जस्टिस सूर्यकांत के प्लान में क्या-क्या
- एरियर (पेंडिंग केस) को इंडिविजुअल कोर्ट लेवल पर और पैन-इंडिया बेसिस पर, दोनों तरह से एड्रेस किया जाना चाहिए।
- एक बड़ा चैलेंज मामलों का ओवरलैप होना है। कई जरूरी केस 5, 7 या 9 जजों की कॉन्स्टिट्यूशनल बेंच को भेजे गए हैं और इस वजह से, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट भी कई दूसरे केस नहीं देख पा रहे हैं।
- हजारों मामले इन बड़ी बेंचों के फैसलों का इंतजार करते हुए रुके हुए हैं। इस वजह से, हाईकोर्ट और डिस्ट्रिक्ट कोर्ट भी कई कानूनी सवालों की वजह से अटके हुए हैं, जो अभी तक सुलझे नहीं हैं।
- हालात को करीब से समझने के लिए लगभग एक हफ्ते का समय लगेगा और इस काम में भी कुछ समय लगेगा।
- एक क्राइटेरिया यह है कि सबसे पुराने केस पहले लिए जाएं। हालांकि, कुछ नए मामले भी हैं जिन पर तुरंत और सच में ध्यान देने की जरूरत है।
- डिजिटल कोर्ट और AI के इस्तेमाल को भी ज्यूडिशियल सिस्टम के कामकाज में शामिल किया जा सकता है। यह एक ऐसी टेक्नोलॉजी है जो मतलब का बदलाव ला सकती है।
- लेकिन एक समय ऐसा आता है जब हर लिटिगेंट आखिरी फैसला सुनाने के लिए एक इंसानी कोर्ट की उम्मीद करता है। इसलिए, मुकदमेबाजी में AI की सीमित लेकिन उपयोगी भूमिका है।
शपथ ग्रहण में 7 देशों के चीफ जस्टिस और उनके परिवार आएंगे
राष्ट्रपति भवन में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में ब्राजील समेत दुनिया के सात देशों के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के जज शामिल होंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में यह पहला मौका होगा जब किसी CJI के शपथ ग्रहण में इतनी बड़ी संख्या में दूसरे देशों के न्यायिक प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी होगी। समारोह में भूटान, केन्या, मलेशिया, मॉरिशस, नेपाल और श्रीलंका के चीफ जस्टिस उनके साथ आए परिवार के सदस्य शामिल होंगे।

