अति आत्मविश्वास से बचें, नियमितता के साथ लक्ष्य की ओर बढ़ें
राजनांदगांव(दैनिक पहुना)। खरतर गच्छाधिपति मणिप्रभ सागर जी के सुशिष्य मुनि श्रेयांशप्रभ सागर जी ने कहा कि सफलता के लिए स्वयं पर विश्वास होना जरूरी है। आत्मविश्वास व्यक्ति को लक्ष्य की ओर आगे बढ़ाता है, लेकिन अति आत्मविश्वास (ओवर कॉन्फिडेंस) कई बार परेशानी का कारण बन सकता है। इसलिए आत्मविश्वास के साथ सजगता और नियमितता भी आवश्यक है। ज्ञान वल्लभ उपाश्रय भवन में चल रहे चातुर्मासिक प्रवचन के दौरान मुनि श्री ने कहा कि आत्मविश्वास व्यक्ति को धीरे-धीरे अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने की प्रेरणा देता है। आत्मविश्वास और नियमितता साथ-साथ चलें तो व्यक्ति अपने कार्य को अधिक सजगता और बेहतर ढंग से पूरा कर सकता है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने कार्य स्वयं करने का प्रयास करना चाहिए। इससे कार्य के प्रति आत्मविश्वास बढ़ता है। किसी कार्य को नियमित रूप से करने पर उसमें दक्षता आती है और व्यक्ति उसे अधिक सजगता के साथ पूरा करने में सक्षम होता है। मुनि श्री ने कहा कि जीवन में किसी भी कार्य को पूरे आत्मविश्वास के साथ करना चाहिए और लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ते रहना चाहिए।

