दुर्ग-भिलाई। नौकरी लगाने का झांसा देकर करीब 11 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने के मामले में भिलाई नगर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान उमेश मानिकपुरी (45) निवासी सूर्यनगर, थाना गुढ़ियारी, रायपुर के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, भिलाई नगर निवासी लहनेदास मासुलकर ने 25 अगस्त 2026 को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उमेश मानिकपुरी ने उसे नौकरी लगाने का भरोसा दिलाया था। इसके एवज में आरोपी ने उससे करीब 11 लाख रुपए लिए।
रकम लेने के बाद आरोपी ने नौकरी नहीं लगाई और राशि वापस भी नहीं की। आरोपी वर्तमान में हनुमान चौक, एक्सप्रेस कॉलोनी, डिपरापारा रायपुर में रह रहा था। पुलिस ने आरोपी को 18 सितंबर को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। शिकायत के आधार पर भिलाई नगर थाने में केस दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायत से जुड़े तथ्यों के आधार पर आरोपी की पहचान की। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के लिए न्यायालय से एक दिन का पुलिस रिमांड लिया था।
रकम लेने के बाद आरोपी ने नौकरी नहीं लगाई और राशि वापस भी नहीं की। आरोपी वर्तमान में हनुमान चौक, एक्सप्रेस कॉलोनी, डिपरापारा रायपुर में रह रहा था। पुलिस ने आरोपी को 18 सितंबर को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। शिकायत के आधार पर भिलाई नगर थाने में केस दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायत से जुड़े तथ्यों के आधार पर आरोपी की पहचान की। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के लिए न्यायालय से एक दिन का पुलिस रिमांड लिया था।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी उमेश मानिकपुरी के थाना नेवई क्षेत्र में दर्ज धोखाधड़ी से संबंधित एक अन्य अपराध में संलिप्त होने की जानकारी भी सामने आई है। इस मामले की पृथक विवेचना की जा रही है। पुलिस अब दोनों मामलों से जुड़े तथ्यों और आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है। फिलहाल भिलाई नगर थाने में दर्ज मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विवेचना जारी है।

