महाराष्ट्र सरकार की ओर से आदिवासी आवासीय स्कूलों में पिछले दो साल में 584 छात्रों की मौत की बात स्वीकार करने के बाद मामला गरमा गया है. CJP आज से महाराष्ट्र के गढ़चिरौली से ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान की शुरुआत करने का ऐलान किया है. दिपके ने कहा कि यह अभियान गढ़चिरौली जिले से शुरू होगा, जिसके बाद महाराष्ट्र के आदिवासी इलाकों में ‘आश्रमशालाओं’ और एकलव्य स्कूलों तक दौरा होगा.
अभिजीत दिपके का आरोप है कि पिछले 80 सालों से भारत में आदिवासी स्कूलों के साथ सरकार ने लापरवाही बरती है. आजादी के आठ दशक बाद भी आदिवासी इलाकों में स्टूडेंट्स की पढ़ाई को पूरी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है.
कॉकरोच जनता पार्टी आज से महाराष्ट्र के गढ़चिरौली से ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ कैंपेन शुरू करने वाली है. पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और संस्थापक अभिजीत दिपके ने बुधवार को नागपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अभियान की औपचारिक घोषणा की.
CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि इस कैंपेन का मकसद आदिवासी छात्रों की समस्याओं और उनके साथ होने वाले भेदभाव की ओर सरकार का ध्यान खींचना है. इस दौरान उनके साथ राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे और संयुक्त सचिव अक्षय शिंदे भी मौजूद रहे.
उन्होंने कहा कि आदिवासी छात्रों में बहुत प्रतिभा और क्षमता है, लेकिन उन्हें सही सुविधाओं और मौकों की जरूरत होती है, जो अब तक बच्चों को नहीं मिली है. दिपके ने बताया कि इस अभियान के तहत CJP के प्रतिनिधि आदिवासी स्कूलों का दौरा करने वाले हैं और वहां की बुनियादी सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर का जायजा करेंगे.

