Karnataka CM Siddaramaiah announces his resignation: पिछले 6 महीने से सीएम कुर्सी को लेकर चल रहा कर्नाटक के नाटक का आज अंत हो गया है। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के भीतर बड़े नेतृत्व परिवर्तन होने पर मुहर लग गई है। कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया (CM Siddaramaiah) इस्तीफा देंगे। कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया ने इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया है। सीएम सिद्धारमैया ने मंत्रियों के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग (Breakfast Meeting) में यह ऐलान किया। सूत्रों के मुताबिक आज यानी 28 मई को दोपहर 3 बजे सिद्धारमैया मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे।
ब्रेकफास्ट मीटिंग में सीएम सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने उन्हें गले लगाया। साथ ही पैर छूकर आशीर्वाद लिया। ब्रेकफास्ट मीटिंग से इस गौरवपल क्षण की फोटो भी सामने आई है। इसी के साथ ही डीके शिवकुमार के कर्नाटक के नए सीएम बनने का रास्ता भी साफ हो गया है। साथ ही उनके मुख्यमंत्री बनने पर भी मुहर लग गई है।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया शाम तीन बजे लोकभवन जाकर अपना इस्तीफा सौंपेंगे। राज्यपाल थावरचंद गहलोत बेंगलुरु में नहीं हैं। राज्यपाल पारिवारिक कारणों के चलते इंदौर में हैं। ऐसे में वह अपना इस्तीफा राजभवन सचिवालय को सौंपेंगे।
सीएमओ ने सिद्धारमैया के इस्तीखे की पुष्टि की थी
मुख्यमंत्री पद से सिद्धारमैया के इस्तीफे को लेकर बनी अगर-मगर की स्थिति पर सीएमओ की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री के दफ्तर ने सिद्धारमैया के इस्तीखे की पुष्टि कर दी है। कर्नाटक मुख्यमंत्री के कार्यालय की ओर से कहा गया है कि सिद्धारमैया आज सीएम पद से इस्तीफा देंगे। सीएमओ की ओर से यह बयान तब आया है, जब राज्यपाल के बेंगलुरु से आज सुबह-सुबह ही रवाना होने की बात सामने आई। सीएमओ ने इसी पर यह स्पष्ट किया है कि राज्यपाल के गैरमौजूद रहने पर भी उनके दफ्तर को इस्तीफा सौंपा जाएगा।
2.5-2.5 साल की डील
बता दें कि कर्नाटक में कुर्सी को लेकर नाटक पिछले एक साल से चल रहा है। डीके समर्थकों का दावा है कि 2023 में केंद्रीय नेतृत्व ने ढाई-ढाई साल की सत्ता का फॉर्मूला दिया था। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के खत्म हुए 3 साल हो गए हैं। डीके शिवकुमार सीएम कुर्सी के लिए अपनी दावेदारी कई बार कर चुके हैं। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार का 20 नवंबर 2025 को 2.5 साल का कार्यकाल पूरा हुआ था। कुछ विधायक जो डिप्टी CM डीके शिवकुमार के समर्थक माने जाते हैं, वे दिल्ली जाकर खड़गे से मिले थे।
सिद्धारमैया को राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका निभाने का प्रस्ताव
इधर सूत्रों का दावा है कि 2029 लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने सिद्धारमैया को राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका निभाने का प्रस्ताव दिया है। पार्टी चाहती है कि वे दिल्ली जाकर कांग्रेस के प्रमुख ओबीसी चेहरों में से एक के रूप में काम करें और सामाजिक न्याय, जातिगत जनगणना तथा पिछड़ा वर्ग राजनीति के मुद्दों पर पार्टी की रणनीति को मजबूत करें। कांग्रेस नेतृत्व ने सिद्धारमैया को पूरी तरह आश्वस्त किया है कि यदि वे दिल्ली आने के लिए तैयार होते हैं, तो उनकी सभी चिंताओं और क्षेत्रीय हितों का पूरा ख्याल रखा जाएगा। उन्हें राज्यसभा के रास्ते संसद भेजने और AICC में बड़ा पद सौंपा जाएगा।


