हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: रिटायरमेंट से पहले गृह जिले में मिलेगी पोस्टिंग….

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आबकारी विभाग के हेड कांस्टेबल नेल्सन लवेट की याचिका पर सुनवाई करते हुए बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने उन्हें उनके गृह जिले बिलासपुर में पोस्टिंग देने को कहा है। साथ ही कहा है कि आदेश की कॉपी मिलने के 15 दिन के अंदर पोस्टिंग का आदेश जारी किया जाए।

इस मामले की सुनवाई जस्टिस बिभू दत्ता गुरु की सिंगल बेंच में हुई। याचिकाकर्ता इस समय रायगढ़ जिले में आबकारी हेड कांस्टेबल के पद पर हैं। उन्होंने रायगढ़ से बिलासपुर ट्रांसफर और 2025 की ट्रांसफर पॉलिसी के क्लॉज 3.12 का फायदा देने की मांग की थी।

1993 में सेल्समैन के पद पर हुई थी नियुक्ति

कोर्ट को बताया गया कि नेल्सन लवेट की नियुक्ति 19 अप्रैल 1993 को आबकारी विभाग में सेल्समैन के तौर पर हुई थी। बाद में उन्हें नियमित किया गया और आबकारी आरक्षक बनाया गया। साल 2014 में उनका ट्रांसफर कोरबा से बिलासपुर हुआ था। फिर 24 जून 2022 को उन्हें बिलासपुर से रायगढ़ भेज दिया गया। साल 2023 में प्रमोशन के बाद वे आबकारी हेड कांस्टेबल बने और रायगढ़ में ही तैनात रहे।

पत्नी बीमार, रिटायरमेंट भी नजदीक

याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि वे जुलाई 2027 में रिटायर होने वाले हैं। उनकी पत्नी की तबीयत भी ठीक नहीं है और उनका लगातार इलाज चल रहा है। उन्होंने गृह जिले बिलासपुर में पोस्टिंग के लिए कई बार विभाग को आवेदन दिया, लेकिन कोई फैसला नहीं हुआ।

सरकार ने कहा पॉलिसी लागू नहीं होती

राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि 5 जून 2025 की ट्रांसफर पॉलिसी आबकारी विभाग पर लागू नहीं होती। क्योंकि इस पॉलिसी में पुलिस, आबकारी, परिवहन, वाणिज्यिक कर और शिक्षा विभाग को बाहर रखा गया है। सरकार ने ये भी कहा कि किसी कर्मचारी को उसकी पसंद की पोस्टिंग देने का कोई कानूनी हक नहीं बनता।

कोर्ट ने कहा रिटायरमेंट से पहले लाभ मिलना चाहिए

हाईकोर्ट ने सरकार की इस दलील को नहीं माना। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता जुलाई 2027 में रिटायर होने वाले हैं और उन्होंने होम जिले में पोस्टिंग के लिए कई बार आवेदन दिया है। कोर्ट ने कहा कि एक साल के अंदर रिटायर होने वाले कई विभागों के कर्मचारियों को उनकी पसंद या गृह जिले में पोस्टिंग का लाभ दिया गया है, तो याचिकाकर्ता को भी ये लाभ मिलना चाहिए।

कोर्ट ने साफ कहा कि ट्रांसफर पॉलिसी का क्लॉज 3.12 लागू नहीं होने वाली बात ठीक नहीं है। आखिर में कोर्ट ने संबंधित अफसर को आदेश दिया कि इस मामले पर विचार कर 15 दिन के अंदर बिलासपुर में पोस्टिंग का आदेश जारी किया जाए। इसी के साथ याचिका को मान लिया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!