मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद गोरखपुर में दुर्गा पूजा समिति के युवाओं ने दोनों के प्रतीकात्मक पुतलों को फांसी पर लटकाया. समिति के अध्यक्ष नितेश ने कहा कि मामले में तेजी से आए फैसले से लोगों का कानून पर विश्वास मजबूत होगा.
मेरठ. चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद गोरखपुर में अनोखे तरीके से फैसले का समर्थन किया गया. सिंघड़िया इलाके में दुर्गा पूजा समिति के युवाओं ने मां दुर्गा की विद्युत चलित प्रतिमा के पास दोनों आरोपियों के प्रतीकात्मक पुतलों को फांसी पर लटका दिया. सड़क से गुजरने वाले लोगों की नजर भी इन पुतलों पर पड़ रही है.
पंडाल के पास लगाए पुतले
गोरखपुर के सिंघड़िया इलाके में चौराहे के पास युवा समिति की ओर से मां दुर्गा की विद्युत चलित प्रतिमा स्थापित की गई है. शहर में ऐसी प्रतिमाएं सीमित संख्या में स्थापित होती हैं, इसलिए इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं.
मेरठ हत्याकांड में अदालत के फैसले के बाद समिति के युवाओं ने मुस्कान और साहिल के प्रतीकात्मक पुतलों को फांसी पर लटकाकर अपना समर्थन जताया. समिति के अध्यक्ष नितेश ने कहा कि मामले में जिस तेजी से फैसला आया है, उससे लोगों का कानून के प्रति विश्वास और मजबूत होगा.
दोनों को मृत्युदंड
मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा ने 14 अक्टूबर 2026 को मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाई. इससे पहले 30 सितंबर 2026 को अदालत ने 22 गवाहों के बयान, डिजिटल साक्ष्यों और दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद दोनों को दोषी करार दिया था.
यह मामला मार्च 2025 में सामने आया था. आरोप था कि मुस्कान और साहिल ने सौरभ की हत्या करने के बाद शव के टुकड़े किए और उन्हें नीले ड्रम में रखकर सीमेंट से बंद कर दिया.

प्रेम विवाह के बाद बिगड़े संबंध
सौरभ राजपूत मेरठ के इंद्रानगर के निवासी थे. उन्होंने वर्ष 2016 में ब्रह्मपुरी निवासी मुस्कान रस्तोगी से प्रेम विवाह किया था. सौरभ पहले मर्चेंट नेवी में काम करते थे और बाद में लंदन में नौकरी करने लगे. मुस्कान मेरठ में किराए के मकान में रहती थी. इसी दौरान उसके पुराने दोस्त साहिल शुक्ला के साथ करीबी संबंध बन गए.
24 फरवरी 2025 को सौरभ अपनी छह साल की बेटी और पत्नी का जन्मदिन मनाने के लिए लंदन से मेरठ आए थे. अभियोजन के मामले के अनुसार, संबंधों में बाधा बनने के कारण मुस्कान ने उन्हें नशे की गोलियां दीं और साहिल के साथ मिलकर 3 मार्च 2025 की रात उनकी हत्या कर दी.
शव ड्रम में छिपाया
हत्या के बाद सौरभ के शव के टुकड़े नीले ड्रम में रखकर सीमेंट से बंद कर दिए गए. इसके बाद मुस्कान और साहिल हिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली और कसौल घूमने चले गए. मुस्कान अपने साथ सौरभ का मोबाइल भी ले गई थी, ताकि ऐसा लगे कि वह सौरभ के साथ घूमने गई है.
दोनों के लौटने के बाद पुलिस ने 18 मार्च 2025 को उन्हें गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया. तब से दोनों जेल में हैं. मुस्कान ने 24 नवंबर 2025 को जेल में दूसरी बेटी को जन्म दिया था, जबकि बड़ी बेटी पीहू अपने नाना-नानी के पास रहती है.
पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद 12 मई 2025 को अदालत में करीब एक हजार पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी.

