बिश्नोई गैंग के निशाने पर बॉलीवुड क्यों, हर हमले के बाद क्यों चर्चा में आता है 28 साल पुराना केस?

अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई में फायरिंग के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम फिर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर वायरल एक कथित ऑडियो में सलमान खान के साथ काम करने वालों को धमकी दी गई है।

ऐसे में आइए जानते हैं कि क्या है ताजा मामला? कौन है लॉरेंस बिश्नोई? कैसे बना वह गैंगस्टर? सलमान खान के साथ उसका विवाद कहां से शुरू हुआ? उसके बाद कौन-कौन निशाने पर आए?

टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग का पूरा मामला क्या है?

बीते रविवार को मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई। टाइगर फुटबॉल खेलने के बाद वहां से निकल रहे थे, तभी मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उनकी कार को निशाना बनाया। इस घटना में टाइगर सुरक्षित बच गए, जबकि उनके ड्राइवर और एक राहगीर के घायल होने की खबर सामने आई।

फायरिंग के बाद सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो सामने आया, जिसमें अनिल पंडित और हरमन संधू नाम के लोगों ने हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। इसी क्लिप में सलमान खान को भी धमकी देते हुए लॉरेंस बिश्नोई और बिश्नोई समाज से माफी मांगने को कहा गया। कथित संदेश में यह भी कहा गया कि सलमान खान के साथ काम करने वालों को निशाना बनाया जा सकता है।

घटना के बाद मुंबई पुलिस ने जांच शुरू की। 19 अक्तूबर को मुंबई पुलिस से मिली सूचना के आधार पर राजस्थान पुलिस और एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स ने कोटा रेलवे स्टेशन पर तीन संदिग्धों को ट्रेन से हिरासत में लिया। कोटा की एसपी तेजस्विनी गौतम के मुताबिक, इनमें एक नाबालिग भी शामिल है।

पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि फायरिंग की योजना किसने बनाई, हमलावरों को किसने निर्देश दिए और सोशल मीडिया पर किए गए दावे का घटना से क्या संबंध है। पुलिस ने अभी तक कथित ऑडियो की प्रामाणिकता और लॉरेंस बिश्नोई गैंग की संलिप्तता की पुष्टि नहीं की है।

लॉरेंस बिश्नोई का शुरुआती जीवन कैसा रहा?

लॉरेंस बिश्नोई का जन्म 12 फरवरी 1993 को पंजाब के फाजिल्का जिले के दुतरावाली गांव में हुआ था। उसका परिवार खेती-किसानी से जुड़ा था। उसके पिता एक संपन्न किसान बताए जाते हैं। लॉरेंस ने अबोहर में 12वीं तक पढ़ाई की। इसके बाद 2010 में वह कॉलेज की पढ़ाई के लिए चंडीगढ़ पहुंचा और डीएवी कॉलेज में दाखिला लिया।

यहीं से उसकी छात्र राजनीति में दिलचस्पी बढ़ी। वह पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र संगठन एसओपीयू यानी स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी से जुड़ा। 2011 से 2012 के बीच वह इस संगठन का अध्यक्ष भी रहा।

लॉरेंस के खिलाफ पहली एफआईआर कब दर्ज हुई?

लॉरेंस के आपराधिक रिकॉर्ड के मुताबिक, उसके खिलाफ अप्रैल 2010 में हत्या की कोशिश के आरोप में पहली एफआईआर दर्ज हुई थी। इसके बाद उसी महीने अतिक्रमण और मारपीट से जुड़ा एक मामला दर्ज हुआ। फरवरी 2011 में मोबाइल फोन छीनने और मारपीट का मामला भी सामने आया। ये मामले छात्र राजनीति से जुड़े बताए गए।

चंडीगढ़ पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक, लॉरेंस के खिलाफ शहर में सात एफआईआर दर्ज हुई थीं। इनमें से चार मामलों में उसे बरी कर दिया गया, जबकि तीन मामलों में सुनवाई लंबित बताई गई थी।

लॉरेंस कॉलेज की पढ़ाई भी पूरी नहीं कर पाया। उसने बीए प्रथम वर्ष की परीक्षा पास करने के लिए दो बार प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुआ। इसी दौरान छात्र राजनीति से जुड़े विवादों के बीच उसकी पहचान ऐसे लोगों से बनी, जो आगे चलकर अपराध की दुनिया में सक्रिय हुए।

कैसे बना लॉरेंस बिश्नोई का गैंग?

साल 2009 से 2011 के बीच लॉरेंस ने स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी यानी एसओपीयू नामक छात्र संगठन बनाया। इसमें खिलाड़ियों और पुलिसकर्मियों के परिवारों से जुड़े कुछ युवाओं के शामिल होने की बात सामने आई थी।

अपराध की दुनिया में उसके आगे बढ़ने में जसविंदर सिंह उर्फ रॉकी की अहम भूमिका बताई जाती है। रॉकी पंजाब के फाजिल्का का रहने वाला था और गैंगस्टर से नेता बना था। लॉरेंस और उसके साथी छात्र राजनीति की आड़ में राजस्थान के श्रीगंगानगर और भरतपुर जैसे इलाकों में सक्रिय रहते थे।

बाद में रॉकी की मई 2016 में हिमाचल प्रदेश के परवाणू के पास हत्या कर दी गई। इस हत्या की जिम्मेदारी गैंगस्टर जयपाल भुल्लर ने ली थी। जून 2020 में कोलकाता में भुल्लर भी मारा गया।

समय के साथ लॉरेंस के नेटवर्क का विस्तार हुआ। गोल्डी बराड़ और अनमोल बिश्नोई जैसे नाम उसके नेटवर्क से जुड़े। पुलिस और जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस नेटवर्क के सदस्य अलग-अलग जगहों पर सक्रिय रहे हैं। उन पर हत्या, रंगदारी, हत्या की कोशिश और अपहरण जैसे अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं।

जेल में बंद रहते हुए भी गैंग चलाने के आरोप

2015 में लॉरेंस बिश्नोई पुलिस हिरासत से फरार हो गया था, लेकिन उसे जल्द ही दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद वह अलग-अलग जेलों में बंद रहा।

नवंबर 2019 में उसे राजवीर उर्फ सोनू शाह की हत्या के मामले में पूछताछ के लिए चंडीगढ़ लाया गया था। उस समय पुलिस को संदेह था कि वह भरतपुर जेल के अंदर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करके अपनी गतिविधियां चला रहा था। इस मामले को लेकर चंडीगढ़ पुलिस ने जेल प्रशासन से भी संपर्क किया था।

सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद पंजाब पुलिस लॉरेंस को अपने साथ ले गई थी। 2023 में वह पंजाब की बठिंडा जेल में बंद था। इसी दौरान उसने एक मीडिया चैनल को इंटरव्यू दिया था। इंटरव्यू में उसने जेल में फोन और अन्य सुविधाएं आसानी से मिलने की बात कही थी। इसके बाद गुजरात एटीएस ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया।

लॉरेंस के खिलाफ पांच से ज्यादा राज्यों में करीब 80 मामले दर्ज होने की बात कही गई है। इनमें हत्या, रंगदारी, हत्या की कोशिश और अपहरण जैसे आरोप शामिल हैं। कई मामलों में सुनवाई लंबित है, जबकि कुछ मामलों में सजा सुनाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, उसके कई सहयोगी विदेश में रहकर भी भारत में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने में मदद करते हैं। फिलहाल लॉरेंस बिश्नोई गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती सेंट्रल जेल की हाई-सिक्योरिटी बैरक में बंद है।

सलमान खान और लॉरेंस बिश्नोई का विवाद कैसे शुरू हुआ?

1998: काले हिरण के शिकार का मामला
सलमान खान और लॉरेंस बिश्नोई के बीच विवाद की जड़ 1998 का काला हिरण शिकार मामला है। उस समय सलमान खान फिल्म हम साथ-साथ हैं की शूटिंग के लिए राजस्थान में थे। सितंबर 1998 में जोधपुर के पास भवाद और घोड़ा फार्म इलाके में चिंकारा के शिकार के आरोप भी सामने आए। इसके बाद कांकाणी गांव के पास दो काले हिरणों के शिकार का मामला दर्ज हुआ।

2 अक्तूबर 1998 को बिश्नोई समाज के लोगों ने इस मामले में पुलिस शिकायत दर्ज कराई। सलमान खान के साथ फिल्म के कुछ अन्य कलाकारों के नाम भी मामले में सामने आए। सलमान खान को गिरफ्तार किया गया था और बाद में जमानत मिल गई।

काले हिरण का बिश्नोई समाज के लिए धार्मिक महत्व होने के कारण इस मामले ने समुदाय में नाराजगी पैदा की। मामला अदालत तक पहुंचा और कई वर्षों तक कानूनी कार्रवाई चलती रही।

अप्रैल 2018 में जोधपुर की अदालत ने सलमान खान को काला हिरण शिकार मामले में दोषी ठहराते हुए पांच साल की सजा सुनाई। बाद में उन्हें जमानत मिल गई और अपील के दौरान सजा पर रोक लगी।

2018: लॉरेंस बिश्नोई ने सलमान खान को धमकी दी
काले हिरण शिकार मामले के करीब 20 साल बाद 2018 में लॉरेंस बिश्नोई का नाम सलमान खान के संदर्भ में चर्चा में आया। अदालत में पेशी के दौरान लॉरेंस ने मीडिया के सामने सलमान खान को जान से मारने की धमकी दी थी। उसने कहा था कि सलमान को जोधपुर में ही मार दिया जाएगा।

इसी साल जून में लॉरेंस के करीबी सहयोगी संपत नेहरा को बंगलूरू से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, नेहरा ने लॉरेंस के कहने पर सलमान खान की हत्या की योजना के तहत उनके बांद्रा स्थित घर की रेकी की थी। हरियाणा पुलिस की विशेष टास्क फोर्स ने उसे गिरफ्तार किया था।

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