जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बुधवार को किश्तवाड़ जिले में आतंकी संगठन जैश-ए-मुहम्मद के सैफुल्लाह समूह के विदेशी सदस्यों को कथित तौर पर रसद सहायता और आश्रय प्रदान करने के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में बेघपोरा सिंहपोरा निवासी मश्कूर अहमद और बंदेयां नायदगाम निवासी मनीर अहमद शामिल हैं। मश्कूर अहमद एक सरकारी स्कूल में शिक्षक के रूप में काम करता था। ये गिरफ्तारियां क्षेत्र में आतंकी नेटवर्क को खत्म करने के लिए अधिकारियों द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों का हिस्सा हैं।
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में पुलिस ने विदेशी आतंकियों की मदद करने वाले सैफुल्लाह ग्रुप से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों पर आतंकियों को ठिकाना और लॉजिस्टिक सपोर्ट देने का इल्जाम है.
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में पुलिस ने आतंकियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सैफुल्लाह ग्रुप से जुड़े दो कथित ओवरग्राउंड वर्कर्स को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक ये आरोपी विदेशी आतंकियों को मदद पहुंचाने और उनके लिए सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने में शामिल थे. पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है.
पुलिस का कहना है कि मशकूर अहमद की गिरफ्तारी से आतंकियों को मिलने वाला महत्वपूर्ण लॉजिस्टिक सपोर्ट कमजोर हुआ है. जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी लंबे समय से आतंकी नेटवर्क के संपर्क में था. पुलिस अब उसके अन्य साथियों और संपर्कों की भी जांच कर रही है ताकि पूरे मॉड्यूल का पर्दाफाश किया जा सके.
इससे पहले इसी मामले में मनीर अहमद नाम के एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया था. मनीर अहमद बांदेयान नैडगाम इलाके का रहने वाला है. पुलिस के मुताबिक उस पर भी विदेशी आतंकियों की मदद करने और उन्हें सुरक्षित सहयोग उपलब्ध कराने के आरोप हैं. दोनों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
किश्तवाड़ के एसएसपी नरेश सिंह ने बताया कि जांच और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने मशकूर अहमद को गिरफ्तार किया. आरोपी मशकूर अहमद मोहम्मद रमजान का बेटा है और सिंहपोरा के बेघपोरा इलाके का रहने वाला है. वह स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षक के तौर पर काम करता था. पुलिस के अनुसार वह आतंकियों के ठिकाने तैयार कराने और उन्हें सहयोग देने में सीधे तौर पर शामिल था.


