रायपुर। पश्चिम एशिया में ईरान-इजरायल तनाव और ईंधन संकट की आशंकाओं के बीच छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल को लेकर कृत्रिम संकट की स्थिति बन गई है। बालोद, जगदलपुर, गुरुर और धमतरी समेत कई जिलों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवा रहे हैं, जिससे कई पेट्रोल पंपों का स्टॉक समय से पहले खत्म हो गया। कुछ पंपों पर तो ‘नो डीजल’ और ‘पेट्रोल नहीं है’ के पोस्टर तक लगाने पड़े हैं।
बालोद और बस्तर में गंभीर हुए हालात

बालोद जिले में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बताई जा रही है। जिले के 76 पेट्रोल पंपों में से 10 पंपों का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो चुका है। जिला मुख्यालय के संतोष पेट्रोल पंप और झलमला स्थित पंपों पर “डीजल नहीं है” के बोर्ड लगा दिए गए हैं। हालात ऐसे हैं कि ट्रक और बस चालक ईंधन के लिए भटक रहे हैं, जबकि कई मालवाहक वाहन सड़कों किनारे खड़े होने को मजबूर हैं।


