जशपुर। जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन आघात’ के तहत नारायणपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ग्राम कोटिया के बालेश्वर चौक के पास से 6 किलो 165 ग्राम गांजे के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से गांजे के छह पैकेट और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। जब्त सामान की कुल अनुमानित कीमत 3 लाख 20 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ग्राम कोटिया निवासी 44 वर्षीय दिलीप यादव और 32 वर्षीय बसंत राम उर्फ बबलू के रूप में हुई है। दोनों आरोपी गांजा लेकर ग्राहक की तलाश कर रहे थे और कहीं जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे थे। मुखबिर से इसकी सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल टीम बनाकर कार्रवाई की और घेराबंदी करते हुए दोनों को पकड़ लिया।
घटना 2 सितंबर 2026 की सुबह करीब 7:30 बजे की बताई गई है। नारायणपुर पुलिस को मुखबिर से जानकारी मिली थी कि ग्राम कोटिया स्थित बालेश्वर चौक के पास दो व्यक्ति प्लास्टिक की बोरी में गांजा रखकर बिक्री के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। दोनों संदिग्धों के पास भारी मात्रा में मादक पदार्थ होने की सूचना पर थाना पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को मामले से अवगत कराया। वरिष्ठ अधिकारियों से निर्देश मिलने के बाद पुलिस की टीम तत्काल बालेश्वर चौक पहुंची। वहां मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए से मिलते-जुलते दो व्यक्ति प्लास्टिक की बोरी के साथ दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों संदिग्धों ने वहां से निकलने का प्रयास किया लेकिन पहले से सतर्क टीम ने घेराबंदी कर उन्हें हिरासत में ले लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना नाम और पता पुलिस को बताया।
गवाहों की मौजूदगी में पुलिस ने आरोपियों के पास रखी प्लास्टिक की बोरी की विधिवत तलाशी ली। बोरी के अंदर प्लास्टिक टेप से लिपटे हुए छह पैकेट मिले। पैकेटों की जांच करने पर उनमें कुल 6 किलो 165 ग्राम गांजा पाया गया। पुलिस ने मादक पदार्थ को जब्त करने के साथ ही आरोपियों के पास से मिले दो मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में ले लिए। पुलिस के मुताबिक जब्त गांजे की अनुमानित कीमत करीब 3 लाख रुपये और दोनों मोबाइल फोन की कीमत लगभग 20 हजार रुपये है। इस प्रकार मामले में कुल 3 लाख 20 हजार रुपये की जब्ती की गई है। आरोपियों के खिलाफ नारायणपुर थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गांजे के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। जांच में यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी गांजा कहां से लेकर आए थे और इसे किन लोगों को बेचने की योजना थी। आरोपियों के मोबाइल फोन में मौजूद कॉल रिकॉर्ड और अन्य जानकारियों की जांच भी की जा रही है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगा रही है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक कोमल सिंह नेताम उप निरीक्षक संतोष तिवारी आरक्षक प्रदीप भगत आरक्षक रणवीर तिग्गा नगर सैनिक वीरेंद्र भगत और ओमप्रकाश यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। गांजे के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने के लिए मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

