राहगीरों को निशाना बनाकर लूटने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश, 7 आरोपी गिरफ्तार

रायगढ़। कोतरारोड़ थाना क्षेत्र में राहगीरों को घेरकर मारपीट और लूटपाट करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। दो अलग-अलग वारदातों में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक को अभिरक्षा में लिया गया है। आरोपियों के कब्जे से लूटे गए तीन मोबाइल फोन, एक हजार रुपए नकद और वारदात में इस्तेमाल जावा व पल्सर मोटरसाइकिल जब्त की गई है। वारदात में पांच से अधिक लोगों की संलिप्तता सामने आने के बाद प्रकरण में डकैती की धारा 310(2) बीएनएस जोड़ी गई है।

पहली घटना को लेकर मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के मजगांवा निवासी 18 वर्षीय गोविंद सिंह धुर्वे ने 9 सितंबर को कोतरारोड़ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। गोविंद गेल्वे कंपनी में सेल्समैन है। उसने पुलिस को बताया कि 8 सितंबर को किरोड़ीमलनगर रेलवे लाइन के किनारे विमल उरांव अपने छह-सात साथियों के साथ तीन मोटरसाइकिलों पर पहुंचा और उससे रुपए मांगने लगा। रुपए नहीं होने की बात कहने पर आरोपियों ने गोविंद का पोको सी-50 मोबाइल और उसके साथी नरेश सिंह का रियलमी मोबाइल छीन लिया। विरोध करने पर दोनों के साथ मारपीट की गई। आरोप है कि युवक दोनों को पास के श्मशान क्षेत्र की ओर ले गए और वहां भी पीटा। इसके बाद नरेश के मोबाइल से एक दुकान पर चार हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए और उसका मोबाइल वापस कर दिया।

दूसरी वारदात भी 8 सितंबर की शाम हुई। गेल्वे कंपनी में सेल्समैन आर्यन बंजारे रेलवे स्टेशन की ओर घूमने जा रहा था। शाम करीब 6:30 से 7 बजे के बीच रेलवे स्टेशन चौक के पास पल्सर और एक अन्य बाइक पर सवार छह-सात युवकों ने उसे घेर लिया। आरोपियों ने मारपीट कर उसका रेडमी 9 प्रो मोबाइल और पर्स लूट लिया। पर्स में पैन कार्ड और आधार कार्ड भी थे। दोनों शिकायतों पर कोतरारोड़ पुलिस ने अलग-अलग अपराध दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने किरोड़ीमलनगर क्षेत्र में पूछताछ की तो विमल उरांव और उसके साथियों के संबंध में जानकारी मिली। इसके बाद संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने दोनों वारदातों में शामिल होना स्वीकार किया। नरेश सिंह से ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए चार हजार रुपए में से बची रकम का आरोपियों ने आपस में बंटवारा किया था। आरोपियों के मेमोरेंडम कथन के आधार पर अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें भी अभिरक्षा में लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, एक हजार रुपए नकद और वारदात में इस्तेमाल जावा तथा पल्सर बाइक बरामद की है। लूटा गया पोको मोबाइल विमल उरांव से मिला, जबकि ऑनलाइन ट्रांसफर कराई गई रकम में से एक हजार रुपए विधि से संघर्षरत बालक के पास से बरामद किए गए।

मामले में विमल उरांव, रितेश कुमार महंत उर्फ गोल्डी, दुर्गेश चौहान, बिट्टू उर्फ विवेक पटैल, महावीर पटैल और ऋषि चौहान को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा एक विधि से संघर्षरत बालक को अभिरक्षा में लिया गया है। आरोपियों की संख्या पांच से अधिक होने के कारण पुलिस ने पूर्व में लगाई गई धाराओं में संशोधन करते हुए बीएनएस की धारा 310(2) के तहत डकैती का अपराध जोड़ा है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। मामले के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी में कोतरारोड़ थाना पुलिस की टीम की अहम भूमिका रही।

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