बिलासपुर।खपरगंज इलाके में पुरानी रंजिश को लेकर हुए हिंसक विवाद केस में लंबे समय से फरार मुख्य आरोपी और हिंदूवादी नेता राम सिंह ठाकुर को पुलिस ने आखिरकार मध्यप्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है। वह पन्ना में अपने दोस्त के घर छिपा था। शुक्रवार को ACCU की टीम ने दबिश देकर उसे पकड़ लिया। इस केस में पुलिस अब तक दोनों पक्षों के 30 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
सिटी कोतवाली इलाके में हुए इस विवाद के दौरान दोनों पक्षों पर पथराव करने का आरोप है। पुलिस ने भीड़ को कंट्रोल करने के लिए लाठी चार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इस दौरान हमलावरों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसमें तारबाहर TI रवि तिवारी समेत 9 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। घटना के बाद तनाव होने पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने धारा 144 लागू की थी।
दोनों पक्षों से अब तक 30 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस घटना के बाद दोनों पक्षों के करीब 100 लोगों को आरोपी बनाया। दोनों पक्षों के खिलाफ हिंसा, जानलेवा हमला जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया। इसके बाद से लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी हो रही है। एक पक्ष के मुख्य आरोपी सोहेल खान समेत 15 से ज्यादा लोग पकड़े जा चुके हैं। वहीं दूसरे पक्ष के भी दर्जन भर आरोपी पकड़े गए हैं। जबकि राम सिंह ठाकुर घटना के बाद से फरार था।
MP में दोस्त के घर छिपा था राम सिंह
राम सिंह पुलिस को लगातार चकमा दे रहा था। उसे पकड़ने के लिए टीम कई बार रायपुर में दबिश दे चुकी थी। टेक्निकल टीम उसका लोकेशन ट्रेस कर रही थी। पिछले हफ्ते खबर मिली थी कि वह UP और उत्तराखंड भाग गया है। पता चला कि वह कथावाचक पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बागेश्वर धाम भी गया था।
इसी आधार पर जानकारी मिली कि वह MP के पन्ना में बृजपुर थाना इलाके के गांव माकरी कुठार में अपने दोस्त धीरेंद्र पटेल के घर छिपा है। इसके बाद ACCU की टीम को MP भेजा गया और उसे पकड़ लिया गया। एडिशनल SP सिटी पंकज पटेल ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उसे शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
वीडियो में बोला था जेल में हो सकती है हत्या
घटना के बाद राम सिंह ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर खुद को बेगुनाह बताया था। कहा था कि धर्म के लिए लड़ने पर उसे अपराधी बनाया गया है। पुलिस और जिहादी उसे टारगेट कर रहे हैं। उसने सरेंडर करने की बात कही थी और जेल में हत्या की आशंका जताई थी। लेकिन सरेंडर करने के बजाय वह रायपुर से भी फरार हो गया था।
28 अगस्त की रात खपरगंज में दो गुटों में विवाद हुआ था। आरोप है कि सोशल मीडिया पर हिंदू विरोधी टिप्पणी और पुरानी रंजिश को लेकर झगड़ा शुरू हुआ, फिर मारपीट और पथराव हुआ।

