बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में सामाजिक ताने-बाने और भरोसे को तार-तार कर देने वाली संवेदनशील घटना सामने आई है। डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र के एक ग्रामीण इलाके में आठ वर्ष की अबोध बच्ची के साथ अनाचार की नृशंस वारदात को अंजाम दिया गया है। इस वीभत्स कृत्य का आरोप किसी बाहरी व्यक्ति पर नहीं, बल्कि उसी गांव के 40 वर्षीय कोटवार पर लगा है, जिस पर गांव की सुरक्षा और व्यवस्था की जिम्मेदारी होती है। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
साजिश के तहत मासूम को बनाया शिकार
जानकारी के अनुसार, पीड़ित बच्ची अपने घर के समीप खेल रही थी। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले कोटवार की नियत डोल गई। उसने बच्ची की मासूमियत का फायदा उठाते हुए उसे बहलाया-फुसलाया और अपने सूने घर के भीतर ले गया। आरोपी ने वहां बच्ची को धारदार चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी दी, जिससे बच्ची बुरी तरह सहम गई। इसके बाद आरोपी ने जबरन उसे कोई नशीली दवाई पिलाई और उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। वारदात के बाद डरी-सहमी बच्ची जब अपने घर पहुंची, तो उसने हिम्मत जुटाकर रोते हुए पूरी आपबीती अपने नाना को बताई।
हिरासत में आरोपी, ग्रामीणों में उबाल
परिजनों को जैसे ही घटना की जानकारी मिली, वे तुरंत पीड़िता को लेकर डौंडीलोहारा थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तत्काल हरकत में आया और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी कोटवार को उसकी घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत कठोर मामला दर्ज कर वैधानिक जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में सभी फोरेंसिक और मेडिकल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं ताकि आरोपी को अदालत से सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।


