RBI Repo Rate Decision: भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई ने रेपो रेट में बदलाव नहीं किया है। आरबीआई ने नए वित्त वर्ष की दूसरी मीटिंग में रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा है। इससे होम-कार लोन पर ईएमआई (EMI) नहीं बढ़ेगी। साथ ही महंगाई और देश की जीडीपी का अनुमान भी अनचेंज रखा है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा (RBI Governor Sanjay Malhotra) ने 5 जून को मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी के फैसलों की जानकारी दी।
बता दें कि इससे पहले अप्रैल में भी रेपो रेट में बदलाव नहीं हुआ था। भारतीय रिजर्व बैंकने आखिरी बार दिसंबर 2025 में ब्याज दर 0.25% घटाकर 5.25% की थी। वहीं महंगाई की बात करें तो भारत में खुदरा महंगाई दर अप्रैल 2026 में बढ़कर 3.48% हो गई, जो RBI के 4% के मध्यम अवधि के लक्ष्य से कम रही।
केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट को स्थिर रखने के साथ ही अन्य प्रमुख ब्याज दरों में भी कोई बदलाव नहीं किया है। आरबीआई गवर्नर ने बताया कि स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) रेट 5% पर बरकरार रहेगा। वहीं, मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) रेट और बैंक रेट भी 5.5% के स्तर पर जस के तस बने हुए हैं। इससे केंद्रीय बैंक ने मौद्रिक नीति के अन्य प्रमुख दरों में भी कोई फेरबदल नहीं किया है।
पिछले वर्ष 125 बेसिस प्वाइंट की कटौती हुई थी
पिछले वित्त वर्ष में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट में कुल 4 बार बदलाव किया था। इस दौरान दरों को 6.50% से घटाकर 5.25% पर आ गया है। इ,में कुल मिलाकर 1.25% (125 बेसिस पॉइंट्स) की बड़ी राहत मिली थी। इस दौरान पहले फरवरी 2025 में रेपो रेट में 0.25 परसेंट की पहली कटौती की गई थी। उसके बाद अप्रैल में भी 0.25% रेट घटाए गए थे। पिछले साल जून में 50% की बड़ी कटौती की गई थी। वहीं दिसंबर में 0.25 परसेंट की और कमी की गई थी।


