ममता बनर्जी के इस्तीफा न देने की जिद पर पूर्व गवर्नर ने तीखी प्रतिक्रिया दी, कहा- CM का व्यवहार “एक छोटी बच्ची जैसा”

त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल तथागत रॉय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चुनाव हारने के बाद इस्तीफा न देने की जिद पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने ममता के व्यवहार को “एक छोटी बच्ची जैसा” और उनकी मानसिक स्थिति को अस्थिर बताते हुए कहा कि उन्हें नियमों के अनुसार पद छोड़ना ही पड़ेगा।

पूर्व राज्यपाल तथागत रॉय ने कहा, ‘मुझे लगता है कि ममता बनर्जी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है. ममता बनर्जी चुनाव हार चुकी हैं, और उन्हें पद छोड़ना ही पड़ेगा.’

त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल तथागत रॉय ने पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अड़ियल रवैये को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने बंगाल में भाजपा के लंबे संघर्ष को याद किया और कहा कि उम्मीद जताई की नई सरकार राज्य को ऊपर लेकर जाएगी. पूर्व राज्यपाल तथागत रॉय ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में हिंसा-मुक्त चुनाव, भारतीय निर्वाचन आयोग पर टीएमसी के आरोप और हार के बाद ममता बनर्जी के बयानों समेत कई विषयों पर अपने जवाब दिए.

पूर्व राज्यपाल तथागत रॉय ने कहा कि भारतीय जनसंघ 1951 में बना और उसके संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी थे. इसका मतलब साफ है कि भारतीय जनसंघ से निकली भाजपा पश्चिम बंगाल की ही पार्टी है. एक समय भाजपा की स्थिति वर्तमान कांग्रेस और सीपीएम के जैसी थी. राम मंदिर आंदोलन के बाद भाजपा उभरी. 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद स्थितियां बिल्कुल बदल गईं.

2016 में बंगाल में भाजपा ने अच्छा प्रदर्शन किया और फिर राज्य में लगातार पार्टी का ग्राफ बढ़ता रहा. दुर्भाग्यपूर्ण रहा कि 2021 में भाजपा बंगाल में चुनाव नहीं जीत पाई. हालांकि, इसके बाद से भाजपा ने अपने प्रयास तेज कर दिए. केंद्र के नेताओं ने राज्य इकाई को मजबूत बनाने का काम किया. 2026 की जीत उसी का परिणाम है.

पिछली सरकारों में पश्चिम बंगाल को पीछे धकेलने का काम किया गया. यह काम पहले सीपीएम ने किया और उसके बाद तृणमूल कांग्रेस ने राज्य को पीछे धकेला.

पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा को सीपीएम ने 1960 से बढ़ाना शुरू किया था. हर चुनाव के समय हिंसा होती रही. 1988 में चुनाव के समय कांग्रेस को वोट देने पर कई लोगों के हाथ का पंजा ही काट दिया गया था. इसके खिलाफ कांग्रेस ने भी कोई एक्शन नहीं लिया. टीएमसी के समय में सिर्फ चुनाव के वक्त नहीं, बल्कि किसी भी समय हिंसा हो जाती थी.

8 तारीख को वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल ही खत्म हो जाएगा. नियम के अनुसार, उसके बाद मुख्यमंत्री को पद छोड़ना ही पड़ता है. विधानसभा का कार्यकाल खत्म होते ही स्वत: राष्ट्रपति शासन लगता है.

तथागत रॉय ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी अपनी हार स्वीकार नहीं कर रही हैं और इस्तीफा न देकर अजीब व्यवहार कर रही हैं, जिसकी तुलना उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के व्यवहार से की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!