शी जिनपिंग ने चेतावनी देते हुए कहा, “यदि ताइवान मुद्दे को सही तरीके से संभाला जाए, तो चीन और अमेरिका के रिश्ते स्थिर रह सकते हैं। लेकिन अगर इसमें गलत कदम उठाए गए, तो दोनों देशों के बीच टकराव या संघर्ष की स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे द्विपक्षीय संबंध बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच जाएंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि ताइवान स्ट्रेट में शांति बनाए रखना दोनों देशों का साझा हित है और दुनिया की स्थिरता के लिए भी यह जरूरी है।
जिनपिंग ने कहा- व्यापार युद्ध में कोई विजेता नहीं
रिपोर्ट के मुताबिक, जिनपिंग ने कहा कि ताइवान की स्वतंत्रता ‘ताइवान स्ट्रेट में शांति के बिल्कुल उलट’ है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में शांति बनाए रखना चीन और अमेरिका के बीच ‘सबसे बड़ा साझा हित’ है। जिनपिंग ने कहा है कि व्यापार युद्ध में कोई विजेता नहीं होता। उन्होंने कहा, “चीन-अमेरिका आर्थिक और व्यापारिक रिश्तों का आधार पारस्परिक लाभ और विन-विन सहयोग है। दोनों देशों को सकारात्मक माहौल बनाए रखने के लिए साथ काम करना होगा।”
ताइवान ने जताया अमेरिका का आभार
ताइवान सरकार की प्रवक्ता मिशेल ली ने बीजिंग में ट्रंप और जिनपिंग की बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका की ओर से ताइवान के समर्थन को बार-बार दोहराए जाने के लिए हम उनके आभारी हैं।


