Delhi weather update: राजधानी दिल्ली इन दिनों भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। हालात ऐसे हैं कि शहर तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लगातार “भट्ठी” की तरह तप रहा है। बुधवार को भी दिल्लीवासियों को गर्म हवाओं के थपेड़ों से काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, आने वाले लगभग छह दिनों तक दिल्ली-NCR में भीषण गर्मी का दौर जारी रहेगा। गुरुवार को तापमान 47 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर पहुंचने की संभावना जताई गई है। विभाग ने 26 मई तक के लिए लू (Heatwave) का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जो गंभीर मौसम स्थिति को दर्शाता है।
सफदरजंग में तापमान सामान्य से अधिक
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को सफदरजंग मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य तापमान से 4.1 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। हालांकि, एक दिन पहले की तुलना में अधिकतम तापमान में 0.6 डिग्री सेल्सियस की हल्की गिरावट भी दर्ज की गई है।
6 दिन राहत के आसार नहीं
दिल्ली-NCR के लोगों को आने वाले लगभग 6 दिनों तक भीषण गर्मी से राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी में लू का असर लगातार बना रहेगा और तापमान सामान्य से काफी अधिक रहने की संभावना है। गुरुवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा सकता है। इस दौरान तेज गर्म हवाएं भी चलने की संभावना है, जिनकी रफ्तार करीब 35 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। भीषण गर्मी का असर अब दिन के साथ-साथ रात में भी साफ दिखाई दे रहा है। तेज गर्म हवाओं और बढ़ते तापमान के कारण लोगों को रात में भी राहत नहीं मिल पा रही है, जिससे नींद पर भी असर पड़ रहा है। बुधवार को सफदरजंग मौसम केंद्र पर न्यूनतम तापमान 28.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह सामान्य से 1.8 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। इसी के साथ यह इस मौसम की अब तक की सबसे गर्म रात भी रही।
11 मई से लगातार बढ़ रहा तापमान
दिल्ली में इस समय दिन और रात दोनों समय भीषण गर्मी का असर देखने को मिल रहा है। हवा की दिशा बदलने के साथ पिछले कुछ दिनों में तापमान में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे राजधानी में गर्मी का प्रकोप और बढ़ गया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 11 मई को सफदरजंग में अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो 19 मई तक बढ़कर 45.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके बाद 20 मई को अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इस तरह करीब 10 दिनों के भीतर तापमान में लगभग 7 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, जब अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो या 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला जाए, तो उसे लू (Heatwave) की स्थिति माना जाता है। इसी मानक के आधार पर बुधवार को लोधी रोड, रिज और आयानगर मौसम केंद्रों पर लू की स्थिति दर्ज की गई। यह लगातार तीसरा दिन है जब दिल्ली के कुछ हिस्सों या समग्र रूप से उष्ण लहर की स्थिति बनी हुई है।
मुंगेशपुर का इलाका सबसे ज्यादा गर्म रहा
मौसम विभाग के अनुसार, मुंगेशपुर क्षेत्र में सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया, जहां पारा 46.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह दिल्ली के किसी भी अन्य मौसम केंद्र की तुलना में सबसे अधिक है। गौरतलब है कि वर्ष 2024 में भी मुंगेशपुर में 50 डिग्री सेल्सियस से ऊपर तापमान दर्ज होने की खबर आई थी, हालांकि बाद में इसे तकनीकी खराबी के कारण हुई रीडिंग बताया गया था। दिल्ली में इस समय हवा की दिशा मुख्य रूप से पश्चिमी बनी हुई है। इसी कारण से गर्म और शुष्क हवाएं राजस्थान के थार मरुस्थल और पाकिस्तान के बलूचिस्तान क्षेत्र से होकर दिल्ली तक पहुंच रही हैं। इन गर्म हवाओं के चलते उत्तर और मध्य भारत के बड़े हिस्से में लू की स्थिति बन रही है, जिससे तापमान तेजी से बढ़ रहा है और लोगों को दिन के साथ-साथ रात में भी राहत नहीं मिल पा रही है।
वायु गुणवत्ता में हुआ सुधार
दिल्ली में हवा की गति बढ़ने के साथ वायु गुणवत्ता में सुधार दर्ज किया गया है। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, बुधवार को राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 168 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। इसके मुकाबले मंगलवार को AQI 208 था, यानी पिछले 24 घंटे में 40 अंकों का सुधार देखने को मिला है। हवा की गति बढ़ने से प्रदूषक कणों के फैलाव में मदद मिली, जिससे वायु गुणवत्ता में यह सुधार दर्ज किया गया।


