पुलिसकर्मी बनकर नौकरी दिलाने के नाम पर6 लोगों से 25 लाख की धोखाधड़ी….

रायपुर। राजधानी रायपुर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 25 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने स्वयं को पुलिस विभाग में आरक्षक बताते हुए छह बेरोजगार युवाओं का विश्वास जीता और महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में नौकरी लगवाने का झांसा देकर उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिए।
इतना ही नहीं, आरोपित ने फर्जी चयन सूची और नियुक्ति पत्र भी सौंप दिए। जब सभी अभ्यर्थी ज्वाइनिंग के लिए विश्वविद्यालय पहुंचे तो दस्तावेज पूरी तरह फर्जी निकले। मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने आरोपी इमरान कादरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

माध्यमिक शिक्षा मंडल कार्यालय में मिला कादर

पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता देवेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि वह रोजगार संबंधी कार्यों से अक्सर पेंशनबाड़ा स्थित माध्यमिक शिक्षा मंडल कार्यालय आता-जाता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात इमरान कादरी से हुई। इमरान ने खुद को पुलिस लाइन रायपुर में पदस्थ आरक्षक बताया और दावा किया कि उसकी पहचान महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलसचिव आर.एल. खरे से है। उसने कहा कि वर्ष 2023 की भर्ती प्रक्रिया में बैक डेट से आवेदन कराकर सहायक ग्रेड-3, प्रयोगशाला तकनीशियन और भृत्य पद पर नौकरी लगवा देगा।

30 लाख मांगे 25 लाख दिए

आरोपी ने शिकायतकर्ता समेत प्रीतेश वर्मा, छाया वर्मा, राहुल साहू, सुषमा साहू और संजू साहू से अलग-अलग पदों के नाम पर कुल 30 लाख रुपये की मांग की। चयन सूची दिखाने के बाद पीड़ितों ने 5 मई 2026 को टैगोर नगर चौक में 15 लाख रुपये नकद दिए। इसके बाद 30 मई को कथित नियुक्ति पत्र मिलने पर 9 लाख रुपये और 2 जून को आरोपी के बताए एक व्यक्ति को एक लाख रुपये नकद सौंपे गए। इस तरह कुल 25 लाख रुपये आरोपित को दे दिए गए।

30 मई को दिया फर्जी नियुक्ति पत्र

शिकायत में बताया गया है कि 30 मई को आरोपी ने सभी को नियुक्ति पत्र दिए और 5 जून को विश्वविद्यालय में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए। जब सभी अभ्यर्थी विश्वविद्यालय पहुंचे तो अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि न तो चयन सूची असली है और न ही नियुक्ति पत्र विश्वविद्यालय द्वारा जारी किए गए हैं। जांच में सभी दस्तावेज कूटरचित और फर्जी पाए गए।

पैसे वापस मांगे तो बोला जो करना है कर लो

पीड़ितों का आरोप है कि धोखाधड़ी का खुलासा होने के बाद जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो इमरान कादरी ने पैसा लौटाने से इंकार कर दिया। वह फोन पर खुद को नागपुर में होना बताकर टालमटोल करता रहा और यहां तक कह दिया कि “जहां चाहो एफआईआर करवा लो।”

पुलिस कर रही जांच, आरोपी नहीं चढ़ा हत्थे

पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस फर्जी नियुक्ति पत्र, चयन सूची, मोबाइल चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। साथ ही आरोपी और उसके संभावित सहयोगियों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ठगी गई राशि की वसूली और आरोपी की संपत्ति एवं बैंक खातों की भी जांच की जाएगी।

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