अब किराएदारों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य: कलेक्टर ने जारी किया आदेश, नियम तोड़े तो होगी कार्रवाई

अंबिकापुर। झारखंड, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की सीमा से लगे बलरामपुर जिले में कानून-व्यवस्था एवं नागरिक सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने नगरीय क्षेत्र एवं नगर के बाह्य क्षेत्रों के लिए किराएदारों के अनिवार्य सत्यापन के संबंध में आदेश जारी किया है। आदेश के तहत जिले के सभी मकान मालिकों को अपने यहां निवासरत अथवा नए किराएदारों का सत्यापन कराना अनिवार्य होगा।

निर्देशों के अनुसार मकान मालिकों को संबंधित थाना अथवा चौकी में अपने किराएदार की आवश्यक जानकारी उपलब्ध करानी होगी। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि मकान मालिक अपना मकान किराएदार को नहीं देगा, जब तक उसका पूर्ण विवरण संबंधित थाना प्रभारी को प्रस्तुत नहीं करेगा। संबंधित थाना प्रभारी को जानकारी दिए बगैर कोई व्यक्ति या संस्था भवन किराए पर दे या ले नहीं सकेगा।

आदेश जारी तिथि के पूर्व से ही जो व्यक्ति किराएदार की हैसियत से रह रहे हैं, उनके मकान मालिक भी थाना प्रभारी को किराएदार के संबंध में तत्काल सूचित करेंगे। किसी भी व्यक्ति को वैध पहचान पत्र के बिना आवास किराये पर ना दिया जाए। मकान मालिक सभी किराएदार का नाम, पता, मोबाइल नंबर एवं पहचान पत्र क्रमांक अनिवार्य रूप से दर्ज करेंगे तथा संबंधित थाना प्रभारी को दी गई सूचना में इसका उल्लेख करेंगे।

मकान मालिक अपने किराएदार या उनके यहां आये आगंतुक की संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत निकटतम पुलिस थाना चौकी में सूचित करेंगे। आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 की अधीन दंडनीय अपराध है।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि जिले में शांति, सुरक्षा एवं अपराधों की रोकथाम के लिए किराएदारों का सत्यापन अत्यंत आवश्यक है। इससे सामाजिक एवं आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के साथ आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। आदेश में सभी संबंधित अधिकारियों को व्यापक जन जागरूकता के निर्देश दिए गए हैं। बलरामपुर जिले की भौगोलिक स्थिति के कारण कई बार दूसरे प्रांत के अपराधी यहां शरण लेते हैं। सरगुजा जिले में गैंग्स ऑफ वासेपुर के गैंगस्टर के शरण लेने के बाद बलरामपुर जिले में भी कलेक्टर ने यह आदेश जारी किया है।

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