Delhi Earthquake: देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भूकंप आया है। रविवार (2 अगस्त) की सुबह करीब 4 बजकर 14 मिनट पर दिल्ली की धरती भूकंर के झटके से कांप उठी। रिक्टर स्केल पर 2.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार इस भूकंप का केंद्र दिल्ली का उत्तरी जिला था। 2.9 तीव्रता का भूकंप सामान्यतः हल्की श्रेणी का माना जाता है। इससे बड़े नुकसान की आशंका कम रहती है। लिहाजा कहीं से जान-माल की हानि होने की सूचना नहीं आई है।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार भूकंप का केंद्र 28.721° उत्तरी अक्षांश और 76.957° पूर्वी देशांतर पर स्थित था। इसकी गहराई 8 किलोमीटर मापी गई। म गहराई होने की वजह से हल्के झटके आसपास के इलाकों में महसूस हो सकते हैं।
भूकंप के आने के बाद राजधानी से किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं आई है। जिस समय राजधानी दिल्ली में भूकंप आया उस समय लोग गहरी नींद में सो रहे थे। कुछ लोगों को झटकों का अहसास हुआ लेकिन कुछ को इसका बिल्कुल भी पता नहीं चला। भूंकप की तीव्रता कम होने की वजह से किसी को इसका आभाष नहीं हुआ।
लगातार कांप रही दिल्ली की धरती
बता दें कि इससे पहले 27 जून को दिल्ली और जम्मू कश्मीर समेत नॉर्थ इंडिया के कई राज्यों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे। भूकंप पर नजर रखने वाली भारत सरकार के नोडल एजेंसी, नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने भूकंप की तीव्रता 6.2 दर्ज की थी। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में था।
इससे पहले अप्रैल में दिल्ली-NCR समेत पूरे उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए थे। इससे लोगों में दहशत फैल गई थी। दिल्ली-NCR, चंडीगढ़ समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में झटके महसूस किए गए थे।
दिल्ली सिस्मिक जोन-IV (Seismic Zone IV) में
दअसल दिल्ली सिस्मिक जोन-IV (Seismic Zone IV) के अंतर्गत आती है, जो इसे मध्यम से उच्च जोखिम वाला क्षेत्र बनाता है। नेशनल सेंटर फॉर साइमोलॉजी के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में तीन फॉल्ट लाइन हैं. जहां फॉल्ट लाइन होती है, वहीं पर भूकंप का एपिसेंटर बनता है। दिल्ली-एनसीआर में जमीन के नीचे दिल्ली-मुरादाबाद फॉल्ट लाइन, मथुरा फॉल्ट लाइन और सोहना फॉल्ट लाइन हैं।

