बलौदा। बलौदा क्षेत्र में शुक्रवार को हुए एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। ग्राम बिरगहनी और बलौदा के बीच दीपका-हरदी बाजार मार्ग पर कोयले से लदी एक ट्रेलर अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हादसे के दौरान बाइक सवार भाई-बहन ट्रेलर और कोयले के मलबे के नीचे दब गए, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतकों की पहचान ग्राम बिरगहनी ‘ब’ निवासी अंजूलता कुर्रे और उसके भाई संजय कुर्रे के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार अंजूलता अपने मायके बिरगहनी आई हुई थी। उसके पिता की तबीयत खराब थी, जिसके चलते वह हालचाल जानने पहुंची थी। शुक्रवार को वह अपने भाई के साथ महतारी वंदन योजना के लिए केवाईसी कराने बलौदा जा रही थी। इसी दौरान ट्रेलर क्रमांक CG 12 BJ 7012 अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई।
घटनास्थल पर मची अफरा-तफरी
हादसे के बाद सड़क पर भारी मात्रा में कोयला फैल गया और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वहां से गुजर रहे वाहन चालकों ने आसपास के लोगों और पुलिस को घटना की सूचना दी। कुछ ही देर में बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए।
सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार बी. कश्यप, एसडीओ प्रदीप सोरी और थाना प्रभारी मनोहर सिंहा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच में केवल एक युवक का शव और बाइक का कुछ हिस्सा दिखाई दे रहा था, जबकि सड़क पर कोयले का ढेर फैला हुआ था।
घंटों मशक्कत के बाद निकाले गए शव
प्रशासन ने तत्काल कोलवाशरी से जेसीबी और लोडर मंगवाया। कई घंटों तक चले राहत कार्य के बाद ट्रेलर में भरे कोयले को हटाया गया। इसके बाद दोनों भाई-बहन के शव और क्षतिग्रस्त बाइक को बाहर निकाला जा सका।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना भयावह था कि दोनों शव पूरी तरह क्षत-विक्षत हो चुके थे। पुलिस ने दोनों शवों को एम्बुलेंस के जरिए पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी भेज दिया। फिलहाल पुलिस ट्रेलर चालक और हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
आक्रोशित ग्रामीणों ने किया चक्काजाम
घटना की जानकारी मिलते ही मृतकों के स्वजन और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंचे और सड़क पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान दोपहिया वाहनों को आने-जाने दिया गया, जबकि भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी गई।
करीब चार से पांच घंटे तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद ट्रेलर मालिक ने मृतकों के स्वजन को चार लाख रुपये सहायता राशि देने पर सहमति जताई। मौके पर ही दो लाख रुपये नगद दिए गए, जिसके बाद चक्काजाम समाप्त हुआ। शासन की ओर से मिलने वाली सहायता राशि की प्रक्रिया फिलहाल लंबित बताई जा रही है।


