धर्म डेस्क। हरतालिका तीज का पर्व हिंदू धर्म में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है और इस दिन सुहागिन महलाएं शिव जी को प्रसन्न करने के लिए और पति की दीर्घायु के लिए उपवास करती हैं। इस साल पाह पर्व 14 सितंबर को मनाया जाएगा। यह दिन पूरी तरह से भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है।
ऐसा कहा जाता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए घोर तपस्या की थी जिसके फलस्वरूप शिव जी ने उन्हें अर्धनगिनी रूप में स्वीकार किया था।
तभी से इस व्रत को अखंड सौभाग्य का व्रत माना जाता है और महलाएं पति की लंबी उम्र की कामना में व्रत करती हैं। इस दिन विधि-विधान के साथ माता पार्वती और शिव जी की पूजा की जाती है और उन्हें कुछ फूल चढ़ाए जाते हैं, वहीं शिव जी का श्रृंगार करते सम आपको कुछ फूल चढ़ाने से बचना चाहिए। आइए जानें इसके बारे में यहां विस्तार से।
भगवान शिव को कौन से फूल चढ़ाएं
यदि आप हरतालिका तीज के दिन शिव जी की पूजा कर रहे हैं तो आपको उन्हें अपराजिता, कनेर, धतूरे का फूल, आक यानी मदार का फूल चढ़ाएं, यदि आप शमी का फूल चढ़ाते हैं तो यह भी अत्यंत शुभ माना जाता है।
यदि आप शिव जी की पूजा में हरसिंगार यानी पारिजात का फूल भी अर्पित करते हैं तो सदैव शिव जी की विशेष कृपा दृष्टि बनी रहती हैं। इन फूलों के साथ शिव जी को बेलपत्र, धतूरा, भांग की पत्तियां भी अवश्य चढ़ाएं और इन्हीं फूलों और पत्तियों से शिव जी का श्रृंगार करें। इससे पूजा का पूर्ण फल मिलेगा।
माता पार्वती को कौन से फूल चढ़ाएं
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरतालिका तीज पर माता पार्वती को विशेष रूप से लाल रंग के फूल जैसे गुड़हल या लाल गुलाब अर्पित करें।
माता के श्रृंगार में इन फूलों का विशेष महत्व होता है। इसके अलावा आप माता को गेंदे के ताजे फूल भी अर्पित कर सकते हैं। ये सभी फूल माता पार्वती को अत्यंत प्रिय हैं और इनसे किया गया श्रृंगार माता को अत्यंत प्रिय माना जाता है। पूजा में इन फूलों को अर्पित करके माता पार्वती से अखंड सौभाग्य की कामना की जा सकती है।
भगवान शिव को कौन से फूल न चढ़ाएं
भगवान शिव की पूजा में कुछ फूलों को चढ़ाने की मनाही होती है। इसलिए आप शिव पूजन में केतकी, चंपा और चमेली के फूल भूलकर भी न चढ़ाएं। इसके साथ ही आप लाल फूलों से भी शिवलिंग का श्रृंगार न करें।
शिव जी को ऐसी कोई भी सामग्री पसंद नहीं है जो आडंबरों से भर हुई हो। इसी वजह से ये फूल भी शिव पूजन में वर्जित हैं। इसके साथ ही आप तुलसी की पत्तियां भी शिव जी की पूजा में न चढ़ाएं। इससे पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता है।
अगर आप भी हरतालिका तीज के दिन शिव और पार्वती की पूजा कर रहे हैं तो ध्यान रखें कि कौन से फूलों से किया गया श्रृंगार शिव जी और माता पार्वती को सबसे ज्यादा प्रिय है और पूजा में किन फूलों को चढ़ाने की मनाही है।
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