रायपुर। प्रदेश की कई प्रीमियम शराब दुकानों में निर्धारित कीमत से ज्यादा दाम पर शराब की दुकानें चल रही हैं। यानि कि बोतल से पैसे तय करने पर एमआरपी से ज्यादा के लिए जा रहे हैं। ओवररेट की मॅनेजमेंट को खत्म करने के लिए अब प्लांट विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। विभाग ने प्रदेश के सभी प्रीमियम शराब गोदामों को कैशलेस करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में वैज्ञानिक विभाग ने ऑर्डर भी जारी कर दिया है।
जारी आदेश के अनुसार, अब प्रदेश में कोई भी प्रीमियम शॉप पर ग्राहक कैश पेमेंट नहीं कर पाएगा। यानी आपको शराब के शेयर के बाद केवल ऑनलाइन (क्यूआर कोड पेमेंट शराब) माध्यम से करना होगा। इसके लिए सभी प्रीमियम क्यूआर कोड शेयर करें। जिसमें स्कैन कर ग्राहक भुगतान कर महंगा शामिल है।
बता दें कि यह कैशलेस सिस्टम एक अक्टूबर से पूरे प्रदेश में लागू हो जाएगा। आईएस ऑर्डर ने प्रदेश के 49 प्रीमियम शराब गोदामों के लिए विज्ञप्ति जारी की है। बताया जा रहा है कि इस व्यवस्था का मकसद शराब स्टेडियम में होने वाली ओवररेट की कंपनी पर लगाम लगाना और बिक्री-भुगतान में प्लाट लाना है।

